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Wednesday, September 27, 2017

अपनी सीट बेल्ट बांध ले – राहुल गाँधी - यशवंत सिन्हा के बयान पर राहुल ने किया भाजपा पर कटाक्ष

जावेद अंसारी

इधर बीजेपी के बड़े नेता और पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर अरुण जेटली पर निशाना साधा, उधर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बयानों और टिप्पणियों की इस ‘खींचतान’ पर तंज कस दिया है. यशंवत सिन्हा के इस बाबत लिखे गए एक आर्टिकल को एक अंग्रेजी अखबार ने ट्वीट किया, जिसे राहुल गांधी ने रीट्वीट किया. उन्होंने री-ट्वीट करते हुए लिखा- लेडीज एंड जेंटलमेन, यह आपके को-पायलट और फाइनेंस मिनिस्टर बोल रहे हैं. कृपया अपनी सीटबेल्ट बांध लें और सिकुड़कर बैठ जाएं. हमारे जहाज के पंख गिर चुके हैं.

बता दें कि लगातार गिरती जीडीपी और चरमरा रही अर्थव्यवस्था के कारण यशवंत सिन्हा ने गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर अरुण जेटली पर निशाना साधा है. अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में यशवंत सिन्हा ने कहा कि अरुण जेटली अभी तक इस सरकार में सबसे बड़ा चेहरा रहे हैं. कैबिनेट में नाम तय होने से पहले ही उनका नाम तय था कि जेटली वित्त मंत्रालय संभालेंगे. लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाया.

सिन्हा ने कहा कि इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में जसवंत सिंह और प्रमोद महाजन भी वाजपेयी के करीबी थे, लेकिन इसके बाद भी उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था. लेकिन जेटली को वित्त मंत्रालय के साथ ही रक्षा मंत्रालय भी मिला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का दावा है कि उन्होंने गरीबी को काफी नज़दीक से देखा है… उनके वित्तमंत्री इस बात को सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरत से ज़्यादा मेहनत कर रहे हैं कि सभी भारतीय भी उसे (गरीबी को) उतना ही नज़दीक से देख सकें.

हालांकि यशवंत सिन्हा के बयान पर बीजेपी ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन बीजेपी सूत्रों के मुताबिक- यशवंत सिन्हा के लेख में अर्थव्यवस्था को लेकर कई दावे गलत हैं. मोदी सरकार को खस्ता हाल अर्थव्यवस्था मिली थी, जिसे पटरी पर लाया गया. पिछले तीन साल में अर्थव्यवस्था की हालत सुधरी है. एक तिमाही में जीडीपी कम होने से पूरी अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाना गलत है.

Reported By : PNN24

Monday, September 25, 2017

BHU में छात्राओं पर लाठीचार्ज, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ का भाजपा वाला रूप है : राहुल गाँधी

जावेद अंसारी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की छात्राओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के लिए भाजपा की निंदा की। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का भाजपा वाला रूप है। बीएचयू परिसर में कल रात छेड़छाड़ की कथित घटना के विरोध में आयोजित प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया था जब पुलिस ने छात्राओं पर लाठीचार्ज किया। इससें महिलाओं सहित कई छात्र और दो पत्रकार घायल हुए। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ट्वीट किया, बीएचयू में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का भाजपा वाला रूप। उन्होंने इस ट्वीट के साथ वह वीडियो लिंक शेयर किया जिसमें छात्राओं ने परिसर में पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें कथित रूप से पीटे जाने का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत उस घटना के बाद हुई जब कला संकाय की एक छात्रा अपने हॉस्टल लौट रही थी। उसी वक्त मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने कथित तौर पर उसका उत्पीड़न किया।

इस बीच छात्राओं के प्रति समर्थन जताने वाराणसी पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया को पुलिस ने शहर में प्रवेश करते ही हिरासत में ले लिया। शनिवार के पुलिस लाठीचार्ज, गोलीबारी, पथराव और आगजनी के बाद रविवार सुबह भी बीएचयू के बाहर अशांति का माहौल रहा। सिंह द्वार पर छात्राओं का धरना जारी रहा। छात्राओं के समर्थन में बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष और वाराणसी के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा भी धरने में शामिल हुए। छात्रों के गुस्से को देखते हुए वाराणसी के सभी डिग्री कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए हैं। वाराणसी के कमिश्नर से इस मामले की रिपोर्ट देने को कहा गया है। बीएचयू में शनिवार देर रात पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर जमकर लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ स्टूडेंट्स घायल भी हुए हैं।

Reported By PNN24

Saturday, March 11, 2017

हार के बाद बोले अखिलेश-आगे भी जारी रहेगा गठबंधन-कभी कभी समझाने से नहीं, बहकाने से मिलता है

कांग्रेस के साथ आगे भी रहेगा गठबंधन
कांग्रेस के गठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने कहा, “कांग्रेस के साथ गठबंधन अच्छा रहा. ये गठबंधन आगे भी जारी रहेगा. हमारी साइकिल ट्यूबलेस साइकिल थी और आगे भी रहेगी. दो सीट वाली साइकिल की तरह कांग्रेस आगे भी हमारे साथ रहेगी.”

हार की जिम्मेदारी से पहले समीक्षा
हार की जिम्मेदारी किसकी ? इस सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा, ”सीएम मैं हूं, राष्ट्रीय अध्यक्ष भी मैं हूं. पहले हार की समीक्षा करूंगा फिर जिम्मेदारी की बात.”

ईवीएम पर सवाल तो जांच हो:
मायावती के ईवीएम पर सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, “‘अगर किसी पार्टी ने सवाल उठाए हैं तो सरकार को इसकी जांच करवानी चाहिए. हम भी अपने स्तर पर जो भी होगा करेंगे.”

पहली कैबनेट के फैसले का इंतजार करिए
अखिलेश ने कहा, ”पहली कैबिनेट के फैसले का इंतजार कीजिए, अगर यूपी के किसानों का कर्ज माफ हो गया तो देश के किसानों का भी कर्ज माफ हो सकता है. अगर प्रधानमंत्री जी ने कहा है तो मुझे लगता है किसानों का कर्जा जरूर माफ होगा.”

काम बोलता रहेगा
अखिलेश ने कहा, ”हम देखना चाहते हैं कि समाजवादी से अच्छा काम नई सरकार कैसे करती है. जब तक कोई हमसे अच्छा काम नहीं करेगा, हमारा काम बोलेगा.”

Assembly Election Results 

यूपी में कौन आगे कौन पीछे-

रूझान-403, बीजेपी-324, सपा-कांग्रेस-55, बीएसपी- 19, अन्य-5

पंजाब में कौन आगे कौन पीछे-

रूझान-117, बीजेपी-अकाली-18, कांग्रेस- 77, आप-22 , अन्य-0

उत्तराखंड में कौन आगे कौन पीछे-

रूझान-70, बीजेपी- 57, कांग्रेस-11 , अन्य-2

गोवा में कौन आगे कौन पीछे-

रूझान-38 , बीजेपी-13 , कांग्रेस-17 , अन्य-0

मणिपुर में कौन आगे कौन पीछे-

रूझान-58, बीजेपी-23 , कांग्रेस-22, अन्य-11

Wednesday, January 4, 2017

योगी आदित्यनाथ को सीएम कैंडिडेट बनाने के लिए गोरखपुर के मुस्लिमों ने जारी किया पोस्टर

गोरखपुर: समाजवादी पार्टी में चल रहे अंतर्कलह के बाद अब बीजेपी में भी बगावत के सुर सुनाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने नव वर्ष पर एक पोस्टर जारी कर गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री कैंडिडेट घोषित करने की मांग की। मोर्चा ने चेतावनी भी दी कि अगर उनको सीएम कैंडिडेट, बीजेपी घोषित नहीं करती है तो मुस्लिम समाज अलग संगठन बनाकर योगी आदित्यनाथ का समर्थन करेगा।

नव वर्ष पर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की यह मांग, एक बार फिर बीजेपी को सकते में डाल सकती है। सोमवार को बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने हजरत नक्को अली शाह बाबा के मजार पर चादरपोशी कर योगी को सीएम कैंडिडेट बनाने की मांग को लेकर पोस्टर जारी किया। इस पोस्टर में लिखा है कि मुस्लिम समाज की एक मांग, योगी नहीं तो बीजेपी नहीं। यही नहीं, योगी आदित्यनाथ को छत्रपति शिवाजी के रूप में दर्शाया गया है। वहीं पोस्टर में ये नारा भी दिया गया है कि ‘अब न करो देर, कहीं अंधेर ना हो जाए, जल्द करो योगीजी को सीएम कैंडिडेट घोषित, कहीं देर न हो जाये।’

इस पोस्टर के जारी होने के बाद कहीं न कहीं उत्तर प्रदेश के बीजेपी में सीएम कैंडिडेट को लेकर सियासत गर्म होती नजर आ रही है। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यकारणी सदस्य इरफ़ान अहमद ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री कैंडिडेट घोषित करने को लेकर कहा, ‘आज हमने नक्को शाह बाबा के मजार पर चादर पोशी की और दुआ मांगी। विधानसभा 2017 के चुनाव को देखते हुए जल्द से जल्द योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री कैंडिडेट घोषित किया जाय, हमारी पार्टी नेतृत्व से यही मांग है। अगर मांग नहीं मानी जाती है तो हम मुस्लिम समाज, बीजेपी से अलग होकर नई पार्टी का गठन करके योगी आदित्यनाथ का समर्थन करेंगे। इसके पहले भी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने योगी के समर्थन और मुख्यमंत्री कैंडिडेट घोषित करने को लेकर पोस्टर जारी कर चुका है। कभी उनको यूपी के राम, यूपी के हनुमान, यूपी के भगत सिंह तो कभी यूपी का टाइगर बनाकर पोस्टर जारी किया था।

Friday, December 30, 2016

सपा की लिस्ट में अखिलेश की इन करीबियों को नहीं मिला टिकट

लखनऊ (28 दिसंबर): समाजवादी पार्टी में टिकट बटवारे को लेकर मचे दंगल के बीच मुलायम सिंह सामने आए और 325 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। इस लिस्ट में सीएम अखिलेश यादव के कई करीबियों को पत्ता कट गया। यहां तक की अखिलेश के मंत्री तक को लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।

इन नेताओं का कटा टिकट…

– पवन पांडे शामिल हैं, वो आशू मलिक को धक्का देने के लिए खबरों में रहे थे।

– मंत्री अरविंद सिंह जो बाराबंकी से एमएलए हैं और अखिलेश के भी करीबी हैं। इनकी जगह बेनी प्रसाद वर्मा के

बेटे राकेश वर्मा को बाराबंकी से टिकट मिला है।

– मंरामगोविंद चौधरी मंत्री बलिया को टिकट नहीं मिला।

– सुल्तानपुर से MLA अरुण वर्मा का टिकट कटा। ये अखिलेश से चहेते हैं।

– अखिलेश के करीबी कमाल अख्तर का टिकट कट गया है।

– अरुण वर्मा एमएलए सुल्‍तानपुर को टिकट नहीं मिला, ये अखिलेश के चहेते थे।

यानि साफ है इस लिस्ट में अखिलेश की नहीं बल्कि शिवपाल की चली है। शिवपाल जिन लोगों को नहीं चाहते आज उन सभी का टिकट कट गया और झटका अखिलेश यादव को लगा है। क्योंकि कुछ दिन पहले अखिलेश ने जो सूची मुलायम सिंह को सौंपी थी उसमें इन सभी का नाम शामिल था। इस नई लिस्ट से शिवपाल का खेमा बेहद खुश है, क्योंकि उनके पसंद के उम्मीदवारों के सभी लोगों के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं।

जिनको टिकट मिला है, उनका नाम हैं…

– कानपुर कैंट से अतीक अहमद को टिकट मिला है। अखिलेश अतीक अहमद के खिलाफ थे।

– गायत्री प्रजापति को भी टिकट मिला है।

– नारद राय को भी टिकट दिया गया है।

– ओम प्रकाश सिंह को लिस्ट में जगही मिली है।

– आजम खान के बेटे अब्‍दुल्‍ला आजम रामुपर के स्‍वार से चुनाव लड़ेंगे।

– शादाब फातिमा भी नई लिस्ट में शामिल हैं। ओमप्रकाश और शादाब को को अखिलाश ने मंत्रिमंडल से बर्खास्त

किया था।

हाल के दिनों में सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान साफ दिखाई दी। अखिलेश ने अपने पसंदीदा उम्मीदवारों की लिस्ट मुलायम को सौंपी थी, जिस पर शिवपाल ने नाराजगी जताई थी। इस पर पार्टी सुप्रीमो ने कहा कि सबने अपने-अपने हिसाब से लिस्ट भेजी है। जितना संभव हो सका है उन्होंने एडजस्ट करने की कोशिश की है, लेकिन फाइनल सूची उनकी पसंद की है। लिस्ट से पता चलता है शिवपाल का प्रभुत्व ज्यादा नजर आता है। शिवपाल के चहेतों की इस लिस्ट में भरमार है।वहीं इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम की उम्मीदवारी पर पूछे गए सवाल पर मुलायम ने कहा कि अखिलेश जहां से चाहें चुनाव लड़ सकते हैं।

Tuesday, December 27, 2016

माया के खाते में 104 करोड़ जमा

नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में जमा हुए 104 करोड़ रुपए की खबर मी‌‌ड‌िया में सु्र्ख‌ियां बटोरने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेस करके इस मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा क‌ि बीएसपी ने अपने नियमों के तहत हमेशा की तरह बैंक में पैसा जमा करवाया है। ये एक रूटीन प्रक्रिया है।

मायावती ने कहा कि ये पार्टी का पैसा है, क्या इसे फेंक देती? इस मिले पैसे की एक-एक पाई का हिसाब मेरे पास है।

मायावती ने आरोप लगाया कि बीजेपी मीडिया को मैनेज करके हमारी छव‌ि खराब करवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा क‌ि पीएम दलित की बेटी से खफा है। बीजेपी नहीं चाहती क‌ि दलित की बेटी के हाथ मास्टर चाबी आए।

बसपा सुप्रीमो ने कहा क‌ि जब वो पैसा जमा हुआ तब नोटबंदी नहीं थी। उन्होंने कहा क‌ि लोग इस बात को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा क‌ि इसी दौरान और पार्टियों ने अपना पैसा बैंकों में जमा करवाया है। उन्होंने कहा क‌ि चंदा देने वालों ने बड़े नोट दिए और हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है।

मायावती ने कहा क‌ि मेरे भाई ने नियम का पालन किया। उन्होंने कहा क‌ि नोटबंदी से पूंजीपत‌ि परेशान नहीं दिख रहे। मायावती ने कहा क‌ि बीजेपी भी अपने चंदे का हिसाब दे। मायावती ने कहा क‌ि मुझे खास सूत्रों से जानकारी मिल रही है बीएसपी में जो खास लोग हैं बीजेपी अपनी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके उन्हें परेशान कर सकती है।

मायावती ने कहा क‌ि जब इलेक्शन आता है तो ये लोग ताज प्रकरण को ऐसे उछालने लगते हैं कि बसपा मुखिया ने बहुत बड़ा घोटाला किया है। उन्होंने कहा, अमित शाह को शायद ताज प्रकरण के बारे में पता नहीं। ताज प्रकरण में अगर कोई घपला हुआ है तो उसके लिए तत्कालीन भाजपा सरकार ज‌‌िम्मेदार है। मायावती ने कहा क‌ि भाजपा की इस हरकत का बसपा को फायदा होगा और 2017 में पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार बनेगी।

मायावती के भाई के खाते में म‌िले 1.43 करोड़

कल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में 104 करोड़ और पार्टी सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार के खाते में 1.43 करोड़ रुपये जमा होने होने का खुलासा किया था।

ये रकम यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के खातों में जमा कराई गई थी। करोलबाग स्थित बैंक ब्रांच के सर्वे के दौरान ईडी को इस बात की जानकारी मिली थी।

ईडी के अनुसार नोटबंदी के बाद इन दोनों ही खातों में बड़े पैमाने पर पुराने नोट जमा कराए गए हैं। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक बड़े जमा की गई रकम में 102 करोड़ 1000 रुपये के नोट और बाकी के पुराने 500 के नोट जमा कराए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इसके बाद भी यह सिलसिला थमा नहीं और हर दिन 15 से 17 करोड़ रुपये इस खाते में जमा कराए जाते रहे।

हर दूसरे दिन रकम जमा होने से अफसर भी हैरान रह गए। जांच एजेंसी ने बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद के उसी शाखा में एक और खाते का पता चला है। इसमें 1.43 करोड़ रुपये जमा है। इसमें 18.98 लाख रुपये नोटबंदी के बाद पुराने नोटों के रूप में जमा कराए गए। प्रवर्तन निदेशालय ने दोनों खातों का पूरा ब्योरा बैंक से मांगा है।

Friday, December 23, 2016

राहुल गांधी का मोदी पर निशाना, कहा- तरस नहीं खाते गृहस्थियां जलाने में

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को अल्मोड़ा में जन सभा को संबोधित करने पहुंचे। अल्मोड़ा के एसएसजे परिसर मैदान में यह रैली शुरू हुई। वह हेलीकॉप्टर से दोहपर एक बजे सेना के मैदान में पहुंचे। राहुल ने बशीर बद्र की लाइन को कोट करते हुए अपनी भाषण की शुरुआत की।

 
लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में,
तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में।

वहीं अमिताभ बच्चन की फिल्म के गाने को कोट करते हुए राहुल ने कहा- आपका तो लगता है बस यही सपना, राम-राम जपना पराया माल अपना।

Friday, December 16, 2016

बड़ीखबर: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, दोबारा चलेंगे पुराने नोट..

देशभर में नोटबंदी से हो रही परेशानी आज खत्म होती नजर आई जब देश की सर्वोच्च अदालत ने मामले पर बड़ा बयान दिया।कोर्ट ने ने कहा कि पुराने नोट दोबारा चलते रहेंगे। जी हां 500 के पुराने नोट कुछ दिन और जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर्स जारी कर सकता है। इसके लिए एक पिटीशन दायर की गई है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि केंद्र सरकार हलफनामा दायर नहीं करती है तो नोट दोबारा चल सकते है।

मोदी सरकार ने 8 नवंबर को 500-1000 के पुराने नोट बंद करने का एलान किया था। सरकार ने चुनिंदा जगहों पर 500 के पुराने नोट जारी रखने की बात भी कही थी। 15 दिसंबर से पुराना नोट हर जगह से बंद कर दिया गया।
500 के पुराने नोट कुछ दिन और जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर्स जारी कर सकता है। इसके लिए एक पिटीशन दायर की गई है। मोदी सरकार ने 8 नवंबर को 500-1000 के पुराने नोट बंद करने का एलान किया था।
सरकार ने चुनिंदा जगहों पर 500 के पुराने नोट जारी रखने की बात भी कही थी। 15 दिसंबर से पुराना नोट हर जगह से बंद कर दिया गया।
वहीं सरकार ने पुराने नोटों को बिल्कुल बंद कर दिया है। जहां-जहां आज ये बंद हुए हैं उनमें दवा की दुकानें, सरकारी अस्पताल, बिजली, पानी के बिल, टोल बूथ, एलपीजी एजेंसी शामिल है।
इसके अलावा पुराने नोट से अब मोबाइल फोन रिचार्ज की सुविधा भी नहीं रहेगी। श्मशान, कब्रिस्तान, सहकारी भंडार से 5 हजार रुपये तक का सामान, मिल्क बूथ और कोर्ट फीस, सरकारी दुकानों से बीज भी पुराने नोटों से नहीं खरीदे जा सकेंगे।
सरकारी स्कूलों की 2 हजार रुपये तक की फीस, सरकारी कॉलेजों की फीस भी पुराने नोटों से नहीं भरी जा सकेगी। पुराने नोट अब 30 दिसंबर तक बैंकों में और 31 मार्च तक आरबीआई की शाखाओं में जमा कराए जा सकेंगे।
इस बात को सरकार भी जानती है कि कल से 500 के पुराने नोट बंद होते ही और कोहराम मच जाएगा। लिहाजा सरकार ने उम्मीद जताई है कि अगले दो तीन हफ्तों में कैश की किल्लत से देश को राहत मिलेगी। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांता दास ने बताया कि सरकार का जोर अब 500 के नए नोट छापने पर है। शक्तिकांता दास का ये भी कहना है कि नोटबंदी के बाद 80 हजार करोड़ के नए 100 रुपये के नोट बाजार में आए हैं, इसके अलावा 10, 20 और 50 रुपये के नोट भी कोई कमी नहीं है।

खुल गया राज, तो इस वजह से पकड़े जा रहे हैं नोट!!!

नोटबंदी के बाद जहां नोटों की किल्लत बढ़ गई है वहीँ जगह जगह से नए-नए करोड़ों नोट बरामद हो रहें हैं। लेकिन लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इन नए नोटों तक पुलिस कैसे पहुंच जा रही है। सभी अपनी अपनी कहानियां बना रहें हैं। लेकिन इन नए नोट पीछे कुछ अलग ही कहानी निकल कर सामने आ रही है जो काफी हैरान करने वाली है।

नए नोट में लगी है रेडियोएक्टिव स्याही, जो खुद लोगों को बता रहे अपना पता

दरअसल इन नए नोटों में रेडियो एक्टिव इंक लगी है। कई देशो में रेडियोएक्टिव स्याही का प्रयोग इंडिकेटर के रूप में किया जाता है। जिससे किसी भी चीज़ को ढूंढने में आसानी होती है। इसके आधार पर अगर ये कहें कि ये नए नोट अपना पता खुद पुलिस को बता रहीं हैं तो कुछ गलत नहीं होगा।

एक जगह पर ज्यादा नए नोट खुद आईटी विभाग को बुलावा भेज देतीं हैं। अब आपको बता देतें हैं कि इसके पीछे क्या कहानी है। 500 और 2000 की नई करेंसी में इस इंक का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि इस स्याही की सक्रियता एक समय के बाद कम हो जायेगी।

वैसे इस नए नोट को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के अफवाहों ने बाजार गर्म किया। जीपीएस की बात को खुद सरकार ने सिरे से नकार दिया। हालांकि इंक वाली खबर भी कितनी सच है इसकी हम पुष्टि नहीं कर सकते हैं लेकिन सोशल मीडिया पर ये वायरल है।

लेकिन अगर तथ्य माना जाए तो एक तरह से ये खबर सही हो सकती है। इस इंक का एक इंडिकेटर के रूप में काम में लिया जा रहा है जिसके कारण अब नोट खुद ही अपना पता बता रहे हैं। इस स्याही में रेडियो एक्टिव का इस्तेमाल P32 फास्फोरस का रेडियोएक्टिव व आइसोटोप है।

जिसके नाभिक में 15 प्रोटीन और 17 न्यूट्रोन होते हैं जिसे रेडियो एक्टिव स्याही में बेहद कम मात्रा में प्रयोग किया जाता है। जब ये नए नोट एक जगह ज्यादा मात्र में मौजूद हो जाते हैं तो वार्निंग टेप की तरह काम करता है। इसी वजह से जो लोग भी भारी मात्रा में अपने पास नई नगदी रख रहे हैं वे पकड़े जा रहे हैं। इन नोटों से हानिकारक रेज भी निकलतें हैं जो शरीर के लिए बेहद हानिकारक होते हैं इस वजह से त्वचा का कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।

Wednesday, December 14, 2016

नोटबंदी के बाद बड़ा धमाका, पीएम मोदी ने ‘बंद’ कराए डालर

पीएम मोदी द्वारा किए नोटबंदी के फैसले के बाद जहां विपक्ष ने पूरे देश में घूम-घूम कर इसके नकारात्‍मक परिणामों को प्रचारित कर रहा है। वहीं वेनेजुएला के बाद ऑस्‍ट्रेलिया भी भारत की नोटबंदी के पक्ष में ऐसा उतरा कि देश में डालर ही बंद कर दिया।

भारत की देखा देखी ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने अपने यहां के सबसे बड़े नोट यानी 100 डॉलर के नोट को बंद करने का फैसला ले लिया है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार के मुताबिक, यह फैसला कालेधन की रोकथाम के लिए लिया गया है।
ऑस्ट्रेलिया के राजस्व और वित्तीय सेवा के मंत्री केली ओ डवेयर ने एक रेडियो से बातचीत करते हुए कहा, ‘हम लोग कालेधन को खत्म करने के लिए अपनी तरफ से हरसंभव कोशिस करेंगे।’ ऑस्ट्रेलिया में 100 डॉलर के 300 मिलियन नोट चलन में हैं। वहां की करेंसी का 92 प्रतिशत हिस्सा 50 और 100 डॉलर के रूप में मौजूद है।
मंत्री के मुताबिक, ऑस्‍ट्रेलिया में भी ज्यादा पेमेंट कैश के रूप में ही हो रहा है और उनकी जीडीपी में कालेधन का प्रतिशत 1.5 है। पिछले हफ्ते वेनेजुएला ने भी नोटबंदी का ऐलान किया था। उन्होंने धन छिपाकर रखने वालों को मजा चखाने के लिए 100-bolivar को बंद कर दिया था। वेनेजुएला इस वक्त 700 प्रतिशत मुद्रास्फिति से जूझ रहा है।
मोदी सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला लिया था। ऐलान किया गया था कि 500 और 1000 रुपए के नोट चलने बंद हो जाएंगे और 2000 और 500 के नए नोट चलाए जाएंगे। तब से लोग अपने कालेधन को सफेद करने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। जिनमें से ज्यादातर को पकड़े जा रहे हैं।
भारत में 500-1000 रुपए के नोट बंद होने से 15.44 लाख करोड़ रुपए की करेंसी बंद हो गई थी। जो कि सर्कुलेशन में मौजूद कुल रुपयों का 86 प्रतिशत थी। जिसमें से 12.44 लाख करोड़ रुपए विभिन्न बैंकों में जमा करवाए जा चुके हैं। (यह आंकड़े 10 दिसंबर तक के हैं) यानी अब 3 लाख करोड़ रुपए आने बाकी हैं।

Tuesday, December 13, 2016

नोटबंदी के बाद पीएम मोदी का सबसे बड़ा ऐलान, खुशी से झूम उठेंगे आप



8 नवंबर को लागू किए गए नोटबंदी के फैसले के बाद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। इन्‍हीं कदमों में से एक है इन्‍सेन्टिव स्‍कीम के जरिए डिजिटल पेमेंट को प्रोत्‍साहित करना।
इस प्रस्‍तावित स्‍कीम के तहत लोगों को कई तरह के पुरस्‍कार दिए जाएंगे। हर हफ्ते जहां लकी ड्रॉ निकाला जाएगा वहीं हर तीन महीने पर यूजर्स को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा।
नीति आयोग ने शनिवार को इस प्रस्‍तावित स्‍कीम से जुड़ी बातों की जानकारी दी। आयोग ने कहा कि उसने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) से अनुरोध किया है कि वह डिजिटल पेमेंट को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना जल्‍द लागू करें। बता दें कि NPCI एक गैर-लाभकारी कंपनी है जो भारत को कैशलेस समाज की ओर ले जाने के लिए प्रयासरत है।
इस प्रस्‍तावित इन्‍सेन्टिव स्‍कीम की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
– जो भी ग्राहक और विक्रेता डिजिटल पेमेंट करते हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
– इस स्‍कीम के तहत दो स्‍तर पर इन्‍सेन्टिव की रकम मिलेगी। पहला, हर हफ्ते भाग्यशाली विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए जाने के लिए लकी ड्रॉ निकाला जाएगा। ऐसा उस हफ्ते जेनरेट हुए ट्रांजैक्‍शन आईडी के जरिए किया जाएगा। दूसरा, हर तीन महीने में उपभोक्ताओं में से कुछ को एक ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा।
– योजना में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि गरीबों, लोअर मिडल क्‍लास और छोटे व्‍यापारियों को प्राथमिकता मिले।

– इस योजना में निम्‍न प्रकार के डिजिटल पेमेंट मान्‍य होंगे- USSD, AEPS,UPI और RuPay Card
– विक्रेताओं के लिए उनके द्वारा स्थापित POS मशीन पर किए गए ट्रांजैक्‍शन इस योजना के लिए मान्‍य होंगे।
– योजना की रूपरेखा जल्‍द ही पेश की जाएगी। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 8 नवंबर के बाद जितने लोगों ने डिजिटल पेमेंट प्रणाली का इस्‍तेमाल किया है, वे इस योजना का फायदा उठाने के हकदार होगें।
– वर्तमान में दो प्रकार के सुझाव चल रहे हैं। वे यह हैं कि इन्‍सेन्टिव स्‍कीम 6 महीने के लिए चलाई जाए या फिर एक साल के लिए।
– इस योजना के तहत राज्य सरकारों, उनके उपक्रमों, जिलों, महानगर निगमों एवं पंचायतों में जहां भी कैशलेस ट्रांजैक्‍शन को प्रोत्साहित करने के लिए काम किया गया है, उन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।