नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में जमा हुए 104 करोड़ रुपए की खबर मीडिया में सु्र्खियां बटोरने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेस करके इस मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि बीएसपी ने अपने नियमों के तहत हमेशा की तरह बैंक में पैसा जमा करवाया है। ये एक रूटीन प्रक्रिया है।
मायावती ने कहा कि ये पार्टी का पैसा है, क्या इसे फेंक देती? इस मिले पैसे की एक-एक पाई का हिसाब मेरे पास है।
मायावती ने आरोप लगाया कि बीजेपी मीडिया को मैनेज करके हमारी छवि खराब करवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम दलित की बेटी से खफा है। बीजेपी नहीं चाहती कि दलित की बेटी के हाथ मास्टर चाबी आए।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि जब वो पैसा जमा हुआ तब नोटबंदी नहीं थी। उन्होंने कहा कि लोग इस बात को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी दौरान और पार्टियों ने अपना पैसा बैंकों में जमा करवाया है। उन्होंने कहा कि चंदा देने वालों ने बड़े नोट दिए और हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है।
मायावती ने कहा कि मेरे भाई ने नियम का पालन किया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पूंजीपति परेशान नहीं दिख रहे। मायावती ने कहा कि बीजेपी भी अपने चंदे का हिसाब दे। मायावती ने कहा कि मुझे खास सूत्रों से जानकारी मिल रही है बीएसपी में जो खास लोग हैं बीजेपी अपनी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके उन्हें परेशान कर सकती है।
मायावती ने कहा कि जब इलेक्शन आता है तो ये लोग ताज प्रकरण को ऐसे उछालने लगते हैं कि बसपा मुखिया ने बहुत बड़ा घोटाला किया है। उन्होंने कहा, अमित शाह को शायद ताज प्रकरण के बारे में पता नहीं। ताज प्रकरण में अगर कोई घपला हुआ है तो उसके लिए तत्कालीन भाजपा सरकार जिम्मेदार है। मायावती ने कहा कि भाजपा की इस हरकत का बसपा को फायदा होगा और 2017 में पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार बनेगी।
मायावती के भाई के खाते में मिले 1.43 करोड़
कल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में 104 करोड़ और पार्टी सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार के खाते में 1.43 करोड़ रुपये जमा होने होने का खुलासा किया था।
ये रकम यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के खातों में जमा कराई गई थी। करोलबाग स्थित बैंक ब्रांच के सर्वे के दौरान ईडी को इस बात की जानकारी मिली थी।
ईडी के अनुसार नोटबंदी के बाद इन दोनों ही खातों में बड़े पैमाने पर पुराने नोट जमा कराए गए हैं। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक बड़े जमा की गई रकम में 102 करोड़ 1000 रुपये के नोट और बाकी के पुराने 500 के नोट जमा कराए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इसके बाद भी यह सिलसिला थमा नहीं और हर दिन 15 से 17 करोड़ रुपये इस खाते में जमा कराए जाते रहे।
हर दूसरे दिन रकम जमा होने से अफसर भी हैरान रह गए। जांच एजेंसी ने बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद के उसी शाखा में एक और खाते का पता चला है। इसमें 1.43 करोड़ रुपये जमा है। इसमें 18.98 लाख रुपये नोटबंदी के बाद पुराने नोटों के रूप में जमा कराए गए। प्रवर्तन निदेशालय ने दोनों खातों का पूरा ब्योरा बैंक से मांगा है।
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Tuesday, December 27, 2016
Friday, December 16, 2016
अगर आपके भी दो बैंकों में खाते हैं तो आपके लिए बड़ी जरूरी है ये खबर
अगर आपने दो अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए हैं तो आपके लिए ये खबर पढ़ना बेहद जरूरी है। ये आपके लिए फायदेमंद होगा।
नोटबंदी के बाद कैशलेस ट्रांसजेक्शन पर जोर देते हुए सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है। ऐसे में ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के जरिए कोई भी आपके अकाउंट के नेटबैंकिंग का पासवर्ड हासिल कर आपका कैश ट्रांसफर कर सकता है। हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आ भी चुके हैं।
बैंकिग एक्सपर्ट के मुताबिक केशलैस के दौर में हम दो अलग अलग बैंकों में खाता खोलकर ही अपने पैसे को सुरक्षित रख सकते हैं। मसलन, आप एक प्राइमरी खाता रखें और दूसरा, सैकंडरी।
अपना ज्यादातर पैसा प्राइमरी बैंक खाते में ही जमा रखें और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में इसका इस्तेमाल न करें। न ही प्राइमरी खाते के एटीएम का ज्यादा उपयोग करें। जब भी जरूरत हो, प्राइमरी खाते से सैकंडरी खाते में सीमित फंड ट्रांसफर कर लें और उसका उपयोग करें।
इस तरह आपका पैसा सुरक्षित रहेगा। एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में दो खातों की यह युक्ति आपको सुरक्षित रखेगी।
नोटबंदी के बाद कैशलेस ट्रांसजेक्शन पर जोर देते हुए सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है। ऐसे में ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के जरिए कोई भी आपके अकाउंट के नेटबैंकिंग का पासवर्ड हासिल कर आपका कैश ट्रांसफर कर सकता है। हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आ भी चुके हैं।
बैंकिग एक्सपर्ट के मुताबिक केशलैस के दौर में हम दो अलग अलग बैंकों में खाता खोलकर ही अपने पैसे को सुरक्षित रख सकते हैं। मसलन, आप एक प्राइमरी खाता रखें और दूसरा, सैकंडरी।
अपना ज्यादातर पैसा प्राइमरी बैंक खाते में ही जमा रखें और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में इसका इस्तेमाल न करें। न ही प्राइमरी खाते के एटीएम का ज्यादा उपयोग करें। जब भी जरूरत हो, प्राइमरी खाते से सैकंडरी खाते में सीमित फंड ट्रांसफर कर लें और उसका उपयोग करें।
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