अगर आपका अकाउंट सेविंग है या पोस्ट ऑफिस में है तो PAN नंबर की जानकारी देना आपके लिए अनिवार्य है |
ऐसा ना करने पर आपका अकाउंट फ्रीज़ किया जा सकता है | यदि आपके पास PAN नंबर नहीं है तो आप फॉर्म 60 जमा करके इससे बच सकते है |
सरकार के इस कदम का मकसद नोटबंदी के बाद बैंको और पोस्ट ऑफिस में जमा किये गए ब्लैक मनी को ट्रैक करना है | PAN लिंक करवाने के बाद सरकार के लिए हर अकॉउंट को ट्रैक करना आसान हो जायेगा और उनकी ट्रैसक्शन पर नजर रखी जा सकेगी, इससे सरकार ये भी पता लगा सकेगी कि अकाउंट में जमा किया गया पैसा अकाउंट होल्डर का ही है या किसी और का।
जिस अकाउंट में 9 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच ढाई लाख रुपए से ज्यादा की रकम जमा हुई है वित्त मंत्रालय की तरफ से वैसे अकाउंट का 1 अप्रैल से 9 नवंबर 2016 के बीच का रिकॉर्ड भी मांगा गया है। करंट अकाउंट होल्डर्स यानी कारोबारियों के लिए यह सीमा 12.5 लाख रुपया या इससे अधिक है। सरकार ने ऐसा करना जरूरी कर दिया है। सरकार के इस फैसले को नोटबंदी के बाद काले धन को जब्त करने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
सेविंग अकाउंट में 2.5 लाख रुपए तक का चेक होगा पुराना रिकॉर्ड
अगर आपने भी किसी के अकाउंट में नोटबंदी के बाद यानी 9 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच अपने एक अकाउंट या कई अकाउंट में 2.5 लाख रुपए या इससे अधिक जमा कराएं है तो सरकार आपके अकाउंट में 9 नवंबर से पहले हुए ट्रांजेक्शन की जांच भी करेगी।
करंट अकाउंट में 12.5 लाख रुपए से अधिक तो चेक होगा पुराना रिकॉर्ड
किसी बिजनेसमैन ने अपने एक करंट अकाउंट में या कई अकाउंट में 9 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच 12.5 लाख रुपए या इससे अधिक रकम जमा कराई है तो उसके अकाउंट में 9 नवंबर से पहले हुए ट्रांजेक्शन की जांच की जाएगी।
बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट में यह डिटेल जमा करवाना अनिवार्य नहीं है |
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Thursday, January 12, 2017
Tuesday, December 27, 2016
माया के खाते में 104 करोड़ जमा
नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में जमा हुए 104 करोड़ रुपए की खबर मीडिया में सु्र्खियां बटोरने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेस करके इस मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि बीएसपी ने अपने नियमों के तहत हमेशा की तरह बैंक में पैसा जमा करवाया है। ये एक रूटीन प्रक्रिया है।
मायावती ने कहा कि ये पार्टी का पैसा है, क्या इसे फेंक देती? इस मिले पैसे की एक-एक पाई का हिसाब मेरे पास है।
मायावती ने आरोप लगाया कि बीजेपी मीडिया को मैनेज करके हमारी छवि खराब करवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम दलित की बेटी से खफा है। बीजेपी नहीं चाहती कि दलित की बेटी के हाथ मास्टर चाबी आए।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि जब वो पैसा जमा हुआ तब नोटबंदी नहीं थी। उन्होंने कहा कि लोग इस बात को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी दौरान और पार्टियों ने अपना पैसा बैंकों में जमा करवाया है। उन्होंने कहा कि चंदा देने वालों ने बड़े नोट दिए और हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है।
मायावती ने कहा कि मेरे भाई ने नियम का पालन किया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पूंजीपति परेशान नहीं दिख रहे। मायावती ने कहा कि बीजेपी भी अपने चंदे का हिसाब दे। मायावती ने कहा कि मुझे खास सूत्रों से जानकारी मिल रही है बीएसपी में जो खास लोग हैं बीजेपी अपनी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके उन्हें परेशान कर सकती है।
मायावती ने कहा कि जब इलेक्शन आता है तो ये लोग ताज प्रकरण को ऐसे उछालने लगते हैं कि बसपा मुखिया ने बहुत बड़ा घोटाला किया है। उन्होंने कहा, अमित शाह को शायद ताज प्रकरण के बारे में पता नहीं। ताज प्रकरण में अगर कोई घपला हुआ है तो उसके लिए तत्कालीन भाजपा सरकार जिम्मेदार है। मायावती ने कहा कि भाजपा की इस हरकत का बसपा को फायदा होगा और 2017 में पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार बनेगी।
मायावती के भाई के खाते में मिले 1.43 करोड़
कल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में 104 करोड़ और पार्टी सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार के खाते में 1.43 करोड़ रुपये जमा होने होने का खुलासा किया था।
ये रकम यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के खातों में जमा कराई गई थी। करोलबाग स्थित बैंक ब्रांच के सर्वे के दौरान ईडी को इस बात की जानकारी मिली थी।
ईडी के अनुसार नोटबंदी के बाद इन दोनों ही खातों में बड़े पैमाने पर पुराने नोट जमा कराए गए हैं। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक बड़े जमा की गई रकम में 102 करोड़ 1000 रुपये के नोट और बाकी के पुराने 500 के नोट जमा कराए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इसके बाद भी यह सिलसिला थमा नहीं और हर दिन 15 से 17 करोड़ रुपये इस खाते में जमा कराए जाते रहे।
हर दूसरे दिन रकम जमा होने से अफसर भी हैरान रह गए। जांच एजेंसी ने बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद के उसी शाखा में एक और खाते का पता चला है। इसमें 1.43 करोड़ रुपये जमा है। इसमें 18.98 लाख रुपये नोटबंदी के बाद पुराने नोटों के रूप में जमा कराए गए। प्रवर्तन निदेशालय ने दोनों खातों का पूरा ब्योरा बैंक से मांगा है।
मायावती ने कहा कि ये पार्टी का पैसा है, क्या इसे फेंक देती? इस मिले पैसे की एक-एक पाई का हिसाब मेरे पास है।
मायावती ने आरोप लगाया कि बीजेपी मीडिया को मैनेज करके हमारी छवि खराब करवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम दलित की बेटी से खफा है। बीजेपी नहीं चाहती कि दलित की बेटी के हाथ मास्टर चाबी आए।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि जब वो पैसा जमा हुआ तब नोटबंदी नहीं थी। उन्होंने कहा कि लोग इस बात को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी दौरान और पार्टियों ने अपना पैसा बैंकों में जमा करवाया है। उन्होंने कहा कि चंदा देने वालों ने बड़े नोट दिए और हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है।
मायावती ने कहा कि मेरे भाई ने नियम का पालन किया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पूंजीपति परेशान नहीं दिख रहे। मायावती ने कहा कि बीजेपी भी अपने चंदे का हिसाब दे। मायावती ने कहा कि मुझे खास सूत्रों से जानकारी मिल रही है बीएसपी में जो खास लोग हैं बीजेपी अपनी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके उन्हें परेशान कर सकती है।
मायावती ने कहा कि जब इलेक्शन आता है तो ये लोग ताज प्रकरण को ऐसे उछालने लगते हैं कि बसपा मुखिया ने बहुत बड़ा घोटाला किया है। उन्होंने कहा, अमित शाह को शायद ताज प्रकरण के बारे में पता नहीं। ताज प्रकरण में अगर कोई घपला हुआ है तो उसके लिए तत्कालीन भाजपा सरकार जिम्मेदार है। मायावती ने कहा कि भाजपा की इस हरकत का बसपा को फायदा होगा और 2017 में पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार बनेगी।
मायावती के भाई के खाते में मिले 1.43 करोड़
कल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में 104 करोड़ और पार्टी सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार के खाते में 1.43 करोड़ रुपये जमा होने होने का खुलासा किया था।
ये रकम यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के खातों में जमा कराई गई थी। करोलबाग स्थित बैंक ब्रांच के सर्वे के दौरान ईडी को इस बात की जानकारी मिली थी।
ईडी के अनुसार नोटबंदी के बाद इन दोनों ही खातों में बड़े पैमाने पर पुराने नोट जमा कराए गए हैं। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक बड़े जमा की गई रकम में 102 करोड़ 1000 रुपये के नोट और बाकी के पुराने 500 के नोट जमा कराए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इसके बाद भी यह सिलसिला थमा नहीं और हर दिन 15 से 17 करोड़ रुपये इस खाते में जमा कराए जाते रहे।
हर दूसरे दिन रकम जमा होने से अफसर भी हैरान रह गए। जांच एजेंसी ने बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद के उसी शाखा में एक और खाते का पता चला है। इसमें 1.43 करोड़ रुपये जमा है। इसमें 18.98 लाख रुपये नोटबंदी के बाद पुराने नोटों के रूप में जमा कराए गए। प्रवर्तन निदेशालय ने दोनों खातों का पूरा ब्योरा बैंक से मांगा है।
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