हम आपको एेसी जानकारियों से परिचित करा रहे हैं जिनसे आप अनजान हैं। खसखस का प्रयोग तो आप रोजमर्रा की जिंदगी में करते हैं परंतु खसखस के प्रयोग से होने वाले फायदों से परिचित नहीं है।
हम आपको बताएंगे खसखस के 7 बड़े फायदे –
1.रोज सुबह 2 चम्मच पानी से भीगी हुई खसखस खाने से heart problems दूर होती है क्योंकि इसमें cholesterol नही होता है और heart problems मे हेल्प करता है।
2. अगर आपका brain कमजोर है तो आप खसखस का प्रयोग करे, क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन से दिमाग शक्तिशाली बनता है।
3. ब्लड प्रेशर मे भी रामबाण है खसखस, इसमें पोटैशियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती हैं जो ब्लड प्रेशर को control करती है।
4. कब्ज को दूर करती है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है। क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है।
5. खसखस के प्रयोग से महिलाएं स्किन पर glow ला पाएंगी।
6. खसखस के इस्तेमाल से पथरी की समस्या का उपचार आसानी से किया जा सकता है क्योंकि खसखस का प्रयोग शरीर मे बढ़ रही कैल्शियम की मात्रा जो शरीर में पथरी होने का मुख्य कारण है उसकी मात्रा कम करता है।
7. खसखस मे फास्फोरस होता है जो कि दातों को शक्ति प्रदान करते हैं और दातों को मजबूत बनाते हैं।
खसखस खाने से जोड़ो के दर्द से आराम मिलता है।
Today In Varanasi
पूर्वाह्न और शाम की रिपोर्ट मिला कर आज वाराणसी में मिले 37 नये कोरोना संक्रमित मरीज
इलाज करा रहे 10 कोरोना मरीजो को स्वस्थ घोषित कर घरों के लिये डिस्चार्ज किया गया 14 नए हॉटस्पॉट बने - खोजवा बाजार हनुमान गली छित्तूपुर...
Showing posts with label हेल्थ/फिटनेस. Show all posts
Showing posts with label हेल्थ/फिटनेस. Show all posts
Monday, December 26, 2016
Friday, December 23, 2016
नेलपॉलिश के प्रयोग से महिलाएं हो रही है बांझपन का शिकार, रहे सावधान!!
अपने नाखूनों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए बहुत सी लड़कियां नेलपॉलिश का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन ये कितना खतरनाक हो सकता है आप सोच भी नहीं सकतीं। इसके इस्तेमाल से स्किन कैंसर जैसे घातक रोग भी हो सकते हैं।
नेल पेंट में स्मूथ फिनिशिंग के लिए टालुइन नाम का कैमिकल मिलाया जाता है। ये कैमिकल आमतौर पर कार में ईंधन डालने वाले गैसोलीन में इस्तेमाल किया जाता है। ये कैमिकल नर्वस सिस्टम और दिमाग के साथ- साथ रिप्रोडक्टिव सिस्टम को भी प्रभावित करता है।
नेल पेंट्स को लचीला बनाने के लिए डाइब्यूटाइल पैथेलेट का इस्तेमाल किया जाता है जो कि रिप्रोडेक्टिव ट्रैक्ट को नुकसान पहुंचाती है। यूरोप के कई देशों में इस कैमिकल के इस्तेमाल पर पाबंदी भी है।
शोधकर्ताओं ने जब नेलपॉलिश पर रिसर्च किया तो पाया, इसका इस्तेमाल करने से स्किन कैंसर भी हो सकता है। नेल पॉलिश में जैल मिलाया जाता है जो सूर्य की खतरनाक अल्ट्रावायलट किरणों को सोख लेता है और यही किरणें कैंसर को जन्म देती हैं।
नेल पॉलिश बनाने में स्पिरिट का भी इस्तेमाल किया जाता है जो फेफड़ों को बुरी तरह से प्रभावित करता है।
नेल पेंट में स्मूथ फिनिशिंग के लिए टालुइन नाम का कैमिकल मिलाया जाता है। ये कैमिकल आमतौर पर कार में ईंधन डालने वाले गैसोलीन में इस्तेमाल किया जाता है। ये कैमिकल नर्वस सिस्टम और दिमाग के साथ- साथ रिप्रोडक्टिव सिस्टम को भी प्रभावित करता है।
नेल पेंट्स को लचीला बनाने के लिए डाइब्यूटाइल पैथेलेट का इस्तेमाल किया जाता है जो कि रिप्रोडेक्टिव ट्रैक्ट को नुकसान पहुंचाती है। यूरोप के कई देशों में इस कैमिकल के इस्तेमाल पर पाबंदी भी है।
शोधकर्ताओं ने जब नेलपॉलिश पर रिसर्च किया तो पाया, इसका इस्तेमाल करने से स्किन कैंसर भी हो सकता है। नेल पॉलिश में जैल मिलाया जाता है जो सूर्य की खतरनाक अल्ट्रावायलट किरणों को सोख लेता है और यही किरणें कैंसर को जन्म देती हैं।
नेल पॉलिश बनाने में स्पिरिट का भी इस्तेमाल किया जाता है जो फेफड़ों को बुरी तरह से प्रभावित करता है।
Monday, December 19, 2016
जल्द से जल्द वजन है घटाना तो इस दिव्य औषधि को जरूर आजमाना
सुंदर दिखना कौन नहीं चाहता, सुंदर दिखने के लिए स्लिम और फिट दिखना भी जरुरी होता है। धरती पर हर दुसरे आदमी को मोटापे की समस्या है। इस का कारण है ख़राब खान पान, व्यायम की कमी और भाग दौड़ वाली दिनचर्या। इस का समाधान है सही आहार और व्यायाम। लेकिन आज कल की भाग दौड़ वाली जिन्दगी में किसी के पास इतना समय नहीं है।
आज हम इस चमत्कारी नुख्से के जरिये आप को बतायेगे आप कैसे पा सकते है सिर्फ 7 दिन में समतल और सुंदर दिखने वाला पेट। इस में मुख्य सामग्री है केला (Banana) केला केवल आपको detox करने में मदद ही नहीं करता है बल्कि अलसी के साथ मिल कर वजन कम करने में भी मदद करता है।
तो आइये जाने इस चमत्कारी ड्रिंक के बारे में –
सामग्री
1 केला
1 संतरा
1/2 कप कम वसा वाला दही
1 बड़ा चमच नारियल तेल
1 चुटकी अदरक
2 बड़े चमच अलसी के बीज
2 बड़े चमच मट्ठा पाउडर
विधि
एक ब्लेंडर में उपरोक्त सामग्री को डाल कर अच्छी तरह से मिलाएं और जब भी आप को भूख लगे इस मिश्रण का सेवन करे। इस को पिने के बाद कुछ समय तक किसी भी चीज का सेवन ना करे। ये और भी अच्छा होगा के भूख लगने पर कुछ और खाने की वजाए इस मिश्रण का सेवन करे, आप को 7 दिन में इस के चमत्कारी नतीजे मिल जायेगे। अगर सात दिन में ये नतीजे नहीं मिल रहे तो निराश नहीं हों, इस प्रयोग को आप एक से तीन महीने तक ज़रूर आजमा कर देखे।
आज हम इस चमत्कारी नुख्से के जरिये आप को बतायेगे आप कैसे पा सकते है सिर्फ 7 दिन में समतल और सुंदर दिखने वाला पेट। इस में मुख्य सामग्री है केला (Banana) केला केवल आपको detox करने में मदद ही नहीं करता है बल्कि अलसी के साथ मिल कर वजन कम करने में भी मदद करता है।
तो आइये जाने इस चमत्कारी ड्रिंक के बारे में –
सामग्री
1 केला
1 संतरा
1/2 कप कम वसा वाला दही
1 बड़ा चमच नारियल तेल
1 चुटकी अदरक
2 बड़े चमच अलसी के बीज
2 बड़े चमच मट्ठा पाउडर
विधि
एक ब्लेंडर में उपरोक्त सामग्री को डाल कर अच्छी तरह से मिलाएं और जब भी आप को भूख लगे इस मिश्रण का सेवन करे। इस को पिने के बाद कुछ समय तक किसी भी चीज का सेवन ना करे। ये और भी अच्छा होगा के भूख लगने पर कुछ और खाने की वजाए इस मिश्रण का सेवन करे, आप को 7 दिन में इस के चमत्कारी नतीजे मिल जायेगे। अगर सात दिन में ये नतीजे नहीं मिल रहे तो निराश नहीं हों, इस प्रयोग को आप एक से तीन महीने तक ज़रूर आजमा कर देखे।
Saturday, December 17, 2016
रोगमुक्त शरीर के लिए नाभि पर लगाएं ये 7 तेल, जानिए और भी फायदे
हमारे शरीर के हर हिस्से का कनेक्शन नाभि से होता है। सर्दी के मौसम में हमारी त्वचा काफी ड्राई हो जाती है, जिससे हमारी त्वचा में कई समस्याएं पैदा हो जाती हैं। त्वचा के इस रूखेपन को ठीक करने के लिए अक्सर क्रीम का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन क्रीम ही नहीं बल्कि नाभि पर तेल लगाकर भी त्वचा संबंधित समस्याओं से राहत पाई जा सकती हैं।
नाभि पर लगाये ये चीजे:
# नीम का तेल: नाभि में रोज नीम का तेल लगाएं। इस तेल को लगाने से आपके चेहरे के मुंहासे ठीक हो जाएंगे और आपके चेहरे में एक नई चमक देखने को मिलेगी।
# बादाम का तेल: मौसम के बदलाव में अपनी त्वचा की रंगत को बरकरार रखने के लिए आप इस तेल को अपनी नाभि में लगा सकती हैं, इससे आपके चेहरे में निखार आएगा।
# सरसों का तेल: अगर आप फटे हुए होंठों से परेशान हैं तो ऐसे में आप रोजाना अपनी नाभि पर सरसों का तेल लगा सकती हैं। इससे आपके होंठ कोमल हो जाएंगे।
# नारियल ऑयल: नाभि पर ऑलिव ऑयल और नारियल मिलाने से प्रजनन शक्ति मजबूत होती है।
# एल्कोहल: सर्दी, खांसी और जुकाम हो जाएं तो ऐसे में रूई में एल्कोहल की एक दो बूंद लेकर इसे नाभि पर लगा लें। इससे सर्दी जुकाम आसानी से सही हो जाएगा।
# ब्रांडी: मासिक धर्म में होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए एक रूई में 2 बूंद ब्रांडी लेकर इसे अपनी नाभि में लगा लें। ऐसा करने से मासिक धर्म में होने वाले दर्द से राहत मिल जाएगी।
# मक्खन: गाय के दूध से बनाया हुआ मक्खन नाभि पर लगाये इससे आपकी स्किन सॉफ्ट और कोमल हो जाएगी। बटर को नाभि पर लगाने से आप आसानी से मुलायम त्वचा पा सकती हैं।
नाभि पर लगाये ये चीजे:
# नीम का तेल: नाभि में रोज नीम का तेल लगाएं। इस तेल को लगाने से आपके चेहरे के मुंहासे ठीक हो जाएंगे और आपके चेहरे में एक नई चमक देखने को मिलेगी।
# बादाम का तेल: मौसम के बदलाव में अपनी त्वचा की रंगत को बरकरार रखने के लिए आप इस तेल को अपनी नाभि में लगा सकती हैं, इससे आपके चेहरे में निखार आएगा।
# सरसों का तेल: अगर आप फटे हुए होंठों से परेशान हैं तो ऐसे में आप रोजाना अपनी नाभि पर सरसों का तेल लगा सकती हैं। इससे आपके होंठ कोमल हो जाएंगे।
# नारियल ऑयल: नाभि पर ऑलिव ऑयल और नारियल मिलाने से प्रजनन शक्ति मजबूत होती है।
# एल्कोहल: सर्दी, खांसी और जुकाम हो जाएं तो ऐसे में रूई में एल्कोहल की एक दो बूंद लेकर इसे नाभि पर लगा लें। इससे सर्दी जुकाम आसानी से सही हो जाएगा।
# ब्रांडी: मासिक धर्म में होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए एक रूई में 2 बूंद ब्रांडी लेकर इसे अपनी नाभि में लगा लें। ऐसा करने से मासिक धर्म में होने वाले दर्द से राहत मिल जाएगी।
# मक्खन: गाय के दूध से बनाया हुआ मक्खन नाभि पर लगाये इससे आपकी स्किन सॉफ्ट और कोमल हो जाएगी। बटर को नाभि पर लगाने से आप आसानी से मुलायम त्वचा पा सकती हैं।
Wednesday, December 14, 2016
सर्दियों में मर्दाना शक्ति के लिए रामबाण है आंवला, जानिए कैसे?
सर्दियों में आंवले का जमकर इस्तेमाल किया जाता है। इसमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। रोजाना आंवला खाने के कई सारे फायदे हैं जिनसे आज हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं।
ये शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करता है। कैल्शियम हमारे हड्डियों को मजबूत बनाता है। साथ ही कैल्शियम बालों को भी चमकदार बनाने का काम करता है। इसलिए सर्दियों में जमकर आंवला खाना चाहिए।
आंवला पीरियड्स के दर्द से भी निजात दिलाने का काम करता है। इसमें कई मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते हैं जो दर्द को खत्म करने में मददगार होते हैं।
डायबिटीज पेसेंट के लिए भी आंवला रामबाण है। इसमें क्रोमियम पाया जाता है जो शरीर में इंसुलिन के बनने में मददगार होता है।
आंवला पेट से जुड़ी समस्याओं का भी निदान करता है। इसमें फाइबर की अत्यधिक मात्रा होती है जो पेट से जुड़ी समस्याओं से निजात दिलाता है।
ये शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करता है। कैल्शियम हमारे हड्डियों को मजबूत बनाता है। साथ ही कैल्शियम बालों को भी चमकदार बनाने का काम करता है। इसलिए सर्दियों में जमकर आंवला खाना चाहिए।
आंवला पीरियड्स के दर्द से भी निजात दिलाने का काम करता है। इसमें कई मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते हैं जो दर्द को खत्म करने में मददगार होते हैं।
डायबिटीज पेसेंट के लिए भी आंवला रामबाण है। इसमें क्रोमियम पाया जाता है जो शरीर में इंसुलिन के बनने में मददगार होता है।
आंवला पेट से जुड़ी समस्याओं का भी निदान करता है। इसमें फाइबर की अत्यधिक मात्रा होती है जो पेट से जुड़ी समस्याओं से निजात दिलाता है।
इस चीज की विधि से आप गंजे सिर पर दोबारा बाल ला सकते है
जैसे बचपन से ही आंखों का खराब होना, बाल झड़ना, बालों का सफेद हो जाना, सर दर्द, जोड़ों में दर्द, पीठ में दर्द, कमर में दर्द। मतलब साफ है कि आधुनिक शैली और आधुनिक प्रोडक्ट्स ने हमारे शरीर को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान ही पहुंचाया है।
आज हम बाजारों में मिल रहे गारंटेड प्रोडक्ट्स के नाम पर दूसरों को नहीं। बल्कि खुद को बेवकूफ बना रहे हैं। और अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। दोस्तों आज के आधुनिक युग में जिस तरह लोगों के साथ-साथ सामानों को भी सच्चाई का नकाब पहना दिया गया है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी रक्षा स्वयं करें।
प्रकृति ने संसार में एसे अनमोल तोहफे दिए हैं, जिन्हें अपनाकर हम बड़ी-से-बड़ी बीमारियों का जड़ से खात्मा कर सकते हैं। बशर्ते कि हमें उनकी जानकारी हो। आज हम आपको बताने जा रहे हैं महिलाओं और पुरुषों की आम समस्या बाल झड़ने के बारे में।
आज हम आपको बताएंगे कलौंजी की विशेषता के बारे में
किस तरह कलौंजी के इस्तेमाल से आप अपने बालों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं और कलौंजी की मदद से नए बाल फिर से वापस पा सकते हैं। कलौंजी में बहुत सारे मिनरल्स और न्यूट्रीएंट्स होते हैं। आयरन, सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम और फाइबर से भरपूर कलौंजी कई प्रकार के रोगों का घर बैठे आसान इलाज है। लगभग 15 एमीनो एसिड वाले कलौंजी शरीर की जरूरी प्रोटीन की कमी को पूरी कर सकता है। हमारे बालों के लिए कलौंजी बहुत ही लाभदायक है।
कैसे करें कलौंजी का इस्तेमाल ?
सिर पर 20 मिनट तक निंबू के रस से मसाज करें और फिर सूख जाने पर बालों को अच्छी तरह से धो लें। इसके बाद कलौंजी का तेल बालों में लगाकर उसे अच्छे से सूखने दें। फिर बाल धो लें। 15 दिनों तक लगातार इस्तेमाल करने से बालों के गिरने की समस्या दूर हो जाती है।
नए बाल उगते हैं
कलौंजी ऑयल, ऑलिव ऑयल, और मेहंदी पाउडर को मिलाकर हल्का गर्म करें. इसे ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसका इस्तेमाल हेयर पैक की तरह करें. सूखने पर बाल अच्छे से धो लें। हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल करने से गंजेपन की समस्या दूर हो जाती है।
गंजेपन की समस्या से छुटकारा
कलौंजी की राख को तेल में मिलाकर गंजे लोग अपने सिर पर मालिश करें. कुछ दिनों में ही नए बाल उगने लगेंगे. इस प्रयोग में धैर्य की आवश्यकता है। थोड़ा समय लगता है, लेकिन नए बाल उग आते हैं। गंजेपन की समस्या से छुटकारा मिलता है।
कलौंजी हमारे स्वास्थ के लिए रामबाण की तरह काम करता है। न सिर्फ़ बालों की समस्या को दूर करने में कारगर है। बल्कि कलौंजी का उपयोग हम अपनी दूसरी समस्याओं के निवारण के लिए भी कर सकते हैं। जैसे पिंपल की समस्या के लिए, यादाश्त बढ़ाने के लिए, सिर दर्द से छुटकारा के लिए, अस्थमा के इलाज के लिए, जोड़ों के दर्द में आराम के लिए, आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए।
आज हम बाजारों में मिल रहे गारंटेड प्रोडक्ट्स के नाम पर दूसरों को नहीं। बल्कि खुद को बेवकूफ बना रहे हैं। और अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। दोस्तों आज के आधुनिक युग में जिस तरह लोगों के साथ-साथ सामानों को भी सच्चाई का नकाब पहना दिया गया है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी रक्षा स्वयं करें।
प्रकृति ने संसार में एसे अनमोल तोहफे दिए हैं, जिन्हें अपनाकर हम बड़ी-से-बड़ी बीमारियों का जड़ से खात्मा कर सकते हैं। बशर्ते कि हमें उनकी जानकारी हो। आज हम आपको बताने जा रहे हैं महिलाओं और पुरुषों की आम समस्या बाल झड़ने के बारे में।
आज हम आपको बताएंगे कलौंजी की विशेषता के बारे में
किस तरह कलौंजी के इस्तेमाल से आप अपने बालों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं और कलौंजी की मदद से नए बाल फिर से वापस पा सकते हैं। कलौंजी में बहुत सारे मिनरल्स और न्यूट्रीएंट्स होते हैं। आयरन, सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम और फाइबर से भरपूर कलौंजी कई प्रकार के रोगों का घर बैठे आसान इलाज है। लगभग 15 एमीनो एसिड वाले कलौंजी शरीर की जरूरी प्रोटीन की कमी को पूरी कर सकता है। हमारे बालों के लिए कलौंजी बहुत ही लाभदायक है।
कैसे करें कलौंजी का इस्तेमाल ?
सिर पर 20 मिनट तक निंबू के रस से मसाज करें और फिर सूख जाने पर बालों को अच्छी तरह से धो लें। इसके बाद कलौंजी का तेल बालों में लगाकर उसे अच्छे से सूखने दें। फिर बाल धो लें। 15 दिनों तक लगातार इस्तेमाल करने से बालों के गिरने की समस्या दूर हो जाती है।
नए बाल उगते हैं
कलौंजी ऑयल, ऑलिव ऑयल, और मेहंदी पाउडर को मिलाकर हल्का गर्म करें. इसे ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसका इस्तेमाल हेयर पैक की तरह करें. सूखने पर बाल अच्छे से धो लें। हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल करने से गंजेपन की समस्या दूर हो जाती है।
गंजेपन की समस्या से छुटकारा
कलौंजी की राख को तेल में मिलाकर गंजे लोग अपने सिर पर मालिश करें. कुछ दिनों में ही नए बाल उगने लगेंगे. इस प्रयोग में धैर्य की आवश्यकता है। थोड़ा समय लगता है, लेकिन नए बाल उग आते हैं। गंजेपन की समस्या से छुटकारा मिलता है।
कलौंजी हमारे स्वास्थ के लिए रामबाण की तरह काम करता है। न सिर्फ़ बालों की समस्या को दूर करने में कारगर है। बल्कि कलौंजी का उपयोग हम अपनी दूसरी समस्याओं के निवारण के लिए भी कर सकते हैं। जैसे पिंपल की समस्या के लिए, यादाश्त बढ़ाने के लिए, सिर दर्द से छुटकारा के लिए, अस्थमा के इलाज के लिए, जोड़ों के दर्द में आराम के लिए, आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए।
Tuesday, December 13, 2016
प्रेग्नेंसी में सुरक्षित यात्रा करने के टिप्स
गर्भावस्था अर्थात प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन के सबसे सुंदर अनुभवों में से एक होता है। इस दौरान महिलाएं ऐसे क्षणों को जीती हैं जिनसे वे अब तक अंजान थीं। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं कई खट्टे-मीठे अनुभवों व उतार-चढ़ावों से गुजरती है। इस दौरान कई सावधानियां रखने की भी जरूरत होती है। विशेष तौर पर प्रेग्नेंसी में कोई यात्रा कैसे की जाए, यह काफी गंभीर विषय है। आइये जानें गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित यात्रा कैसे की जाए।
प्रेग्नेंसी के तीन चरण होते है जिन्हें ट्राइमेस्टर्स के नाम से जाना जाता है। जैसे कि पहला ट्राइमेस्टर, दूसरा और तीसरा ट्राइमेस्टेर। प्रेग्नेंसी के दौरान खास देखभाल की जरूरत होती है ऐसे में बहुत ज्यादा ट्रैवलिंग न करें, यदि किन्हीं कारणों से ट्रैवल करना भी पड़े तो प्रेग्नेंसी में ट्रैवलिंग के सभी नियमों को जान लें और सुरक्षित ट्रैवलिंग करें। प्रेग्नेंसी के तीनों चरणों में से दूसरे चरण में ट्रैवल करना फिर भी सुरक्षित होता है।
प्रेग्नेंसी के दौरान यात्रा करना उन महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकता है, जिन्हें हाई रिस्क प्रेग्नेंसी है या जिन्हें डॉंक्टर ने पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी है। इन महिलाओं को यात्रा के दौरान काफी समस्या हो सकती है, जैसे- सफर का लंबा समय, सड़क खराब होना, सफर के दौरान चिकित्सा सुविधाओं का अभाव आदि कुछ ऐसे परेशानियां हैं, जिनसे प्रेग्नेंसी पर असर पड़ता है।
प्रेग्नेंसी का दूसरे ट्राइमेस्टर यानी 3 से 6 महीने के बीच का समय फिर भी सफर करने के लिए सुरक्षित होता है। इस अवधी में आप आसानी से ट्रैवल कर सकती हैं, क्योंकि इन महीनों में मॉर्निंग सिकनेस, अधिक थकान, सुस्ती जैसी शिकायतें कम ही होती हैं। सेफ ट्रैवल के साथ ही यह भी आवश्यक है कि आप ऐसी जगहों पर न जाएं, जहां किसी संक्रमित बीमारी का प्रकोप फैला हो।
वैसे तो प्रेग्नेंसी के दौरान हवाई यात्रा कर ना सुरक्षित नहीं होती, लेकिन किन्हीं कारणों से यदि आपको हवाई यात्रा करनी भी पड़े तो आपको गर्भावस्था के 14 से 28 सप्ताहों के बीच में ही यात्रा करनी चाहिए व उससे पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए और डॉक्टर द्वारा दिये गए सभी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
- लंबा सफर करने से बचें। यदि आप ट्रैवल कर भी रहे हैं तो अपने साथ पानी की पूर्ण सुविधा रखें जिससे पानी की कमी न होने पाएं।
- कहीं भी जाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें और डॉक्टर के निर्दशों का पालन करें।
- ट्रैवल पर जाते समय डॉक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए सभी दवाइयों को अपने साथ रखें और अपने डॉक्टर के पेपर्स और डॉक्टर का नंबर हमेशा अपने साथ रखें। जिससे आपातकालीन में आप उसका उपयोग कर पाएं।
- गाड़ी में यात्रा के दौरान खिड़की खोल कर रखें और सीट बेल्ट को पेट के नीचे बांधे।
- कार में बहुत ज्यादा सिकुड़ कर न बैठे बल्कि पैर फैलाते हुए ऐसे बैठे जिससे आप आसानी से पैर हिला सकें और ऐंठन या अकड़न होने पर आपको अपना पोस्चर बदलने में दिक्कत न हो।
- सीट पर पीछे की तरफ कमर ऐसे टिका कर बैठे जिससे कोई दर्द न हो।
- सफर पर जाने से पहले वहां के माहौल और मौसम की पूरी जानकारी ले लें और उसी हिसाब से कपड़े लेकर जाएं।
- बहुत ज्यादा फैशन के चक्कर में टाइट कपड़े या फिर हील वाली सैंडल इत्यादि का इस्तेमाल न करें।
- ट्रैवल के दौरान कोई भी समस्या होने पर अपने मन से कोई दवा न खाएं अपने डॉक्टर या फिर नजदीकी किसी डॉक्टर से जरूर कसंल्ट कर लें।
इन टिप्स को अपनाकर आप आसानी से प्रेग्नेंसी में सेफ ट्रैवलिंग कर सकती हैं और आपातकालीन स्थिति आने पर भी अपने आपको संभाल सकती हैं।
प्याज की चाय बनाने की विधि, इसको पीने से होते हैं ये 6 अचूक फायदे
आमतौर पर हम अदरक, तुलसी, बिना दूध की चाय, बिना चीनी की चाय व लेमन टी को ही पीते आएं हैं। लेकिन, कभी आपने प्याज की चाय के बारे में सुना है? जाहिर है नहीं सुना होगा। इसका कारण प्याज की चाय का न होना है।
मगर आपको पढ़कर हैरानी होगी कि प्याज की चाय के अनेक गुण हैं जो सेहत को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं ।
प्याज की चाय के फायदे जानने से पहले पढ़ते हैं, इसको बनाने की विधि के बारे में। गुनगुने पानी में प्याज को धोकर, छोटे-छोटे टुकड़ेक कर पानी में डाल दें। इसके बाद नींबू का रस और ग्रीन टी बैग मिला लें। अब इसे छानकर अपनी पसंद के अनुसार शहद मिला लें व पी लें।
प्याज की चाय के फायदे –
1 – प्याज की चाय में विटामिन सी होता है जो सर्दी-जुकाम के शुरुआती लक्षणों को रोकने का काम करता है।
2 – एक रिसर्च के मुताबिक प्याज में ग्लूकोज प्रतिक्रिया को बेहतर करके इन्सुलिन रेजिटेंट को बढ़ाकर टाइप-2 डायबिटीज में राहत दिलाने में मदद करता है।
3 – प्याज की चाय से हाइपरटेंशन का खतरा कम होता है।
4 – प्याज की चाय का नियमित सेवन करने से वजन कम होता है।
5 – अगर अनिद्रा की समस्या हैं तो प्याज की चाय आपको फायदा दे सकती है।
6 – प्याज की चाय कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकती है और ये कोलोन कैंसर को ठीक करने में भी मददगार है। प्याज में घुलनशील फाइबर होते हैं
जो कोलोन को साफ रखने में मदद करते हैं। ये घुलनशील फाइबर त्वचचा और आंत से टॉक्सिन को बाहर निकालकर कैंसर सेल्स को बनने से रोकते हैं।
ये है प्याज की चाय के फायदे – इन सभी प्वाइंट्स को पढ़कर हुए न हैरान की प्याज की चाय में भी कई फायदे हो सकते हैं। जो अदरक, तुलसी व लेमन टी के समान ही सेहत को लाभ दे सकती है।
बिना व्यायाम घर बैठे महिलाये इन घरेलु उपयो से करें अपना वजन कम
हर किसी की चाहत होती है पतला दुबला दिखना। इसलिए वज़न कम करने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाएं जाते है कोई जिम जाता है, तो कोई डाइटिंग करना शुरू कर देता हैं, तो कुछ लोग उपवास रखना शुरू कर देते हैं। लेकिन यदि आप सही मायने में अपना वज़न कम करना चाहते हैं, तो आपको उसके लिए कुछ कारगार नुस्खें अपनाने की जरूरत है। कुछ घरेलू नुस्खें भी है जिनको अपनाकर आप अपना वज़न कम कर सकते है। आइये ऐसे ही कुछ घरेलू नुस्खों के बारे मे हम आपको बताये-
गोभी से वज़न कम
गोभी की सब्जी़ या उसके सूप को अपने भोजन में शामिल कर लें, इससे वज़न कम होता है क्योकि इस सब्जी़ में कैलोरी बिलकुल नहीं होती।
हरे सलाद से वज़न कम
टमाटर और पुदीने की पत्ती युक्त सलाद खाने से शरीर में वसा की मात्रा कम होती है।
पानी से मोटापे पर नियंत्रण
शरीर को अपने कार्य को ठीक प्रकार से करने के लिए खूब पानी की जरूरत होती है। इससे आपका शरीर भी ठीक रहता है और पानी पीने से मोटापे पर भी नियंत्रण रखता है।
गरम पानी से मोटापे पर नियंत्रण
हर बार खाना खाने के बाद गरम पानी पीयें। इससे पाचन तंत्र ठीक प्रकार से काम करता है और शरीर मै मौजूद अतिरिक्त वज़न कम होता है।
हरी चाय या अदरक की चाय पीने से मोटापा नियंत्रित
हरी चाय या अदरक की चाय पीने से मोटापा नियंत्रित होता है। इसलिए दिन में एक बार हरी चाय या अदरक की चाय ज़रूर पीयें।
टमाटर से मोटापा नियंत्रित
सुबह एक टमाटर खाने से कालेस्ट्राल का लेवल ठीक रहता है और शरीर में मौजूद वसा भी कम होती है।
गडूची से वसा नियंत्रित
मोटापे को नियंत्रित करने के लिए गडूची एक प्रभावित तरीका है। इससे शरीर मे मौजूद वसा कम होती है।
एलोवेरा खाकर वज़न नियंत्रित
एलोवेरा के पत्तों के सेवन से वज़न नियंत्रित होता है। इसलिए एलोवेरा का सेवन रोज़ करना चाहिए।
सेब साइडर सिरके से वज़न नियंत्रित
सेब साइडर सिरके के सेवन से वज़न नियंत्रित होता है।
एलोवेरा का यह प्रयोग वजन घटाने में है कारगर
सुंदरता बढ़ाने के लिए आपने एलोवेरा का इस्तेमाल तो किया ही होगा लेकिन आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि एलोवेरा का इस्तेमाल करके आप वजन भी कम कर सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि ये वजन कम करने में कैसे आपकी मदद कर सकता है।
एलोवेरा में कई विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य एक्टिव कंपोनेंट पाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल सामान्यत: हर्बल इंडस्ट्री में किया जाता है।
वेट लॉस करने के लिए आपको रोजाना एलोवेरा का जूस पीना होगा। रोजाना इसका जूस पीने से मेटाबॉलिज्म रेट तेजी से बढ़ता है। जो वजन कम करने में मदद करता है।
ये शरीर से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है और ब्लड फैट को भी कम करता है। साथ ही ये शरीर में मौजूद फैट को फैटी टिशूज में बदलने से रोकता है।
ये भूख को नियंत्रित करता है और आपको ओवरइटिंग करने से रोकता है। इसमें मौजूद मिनरल्स फैट को बर्न करने में मदद करते हैं।
इसका रोजाना सेवन करने से शरीर में कोलेजन के निर्माण में वृद्धि होती है। कोलेजन एक तरह का प्रोटीन है जो मसल्स के बनने में मददगार है। इस प्रक्रिया में काफी कैलोरी की जरूरत होती है कैलोरी बर्न होने से वजन कम करने में मदद मिलता है।
सर्दियों में जोड़ो के दर्द से हो आप परेशान, तुरंत करें ये रामबाण उपाय
शरीर के मजबूत जोड़ हमें सक्रिय रखते हैं और चलने-फिरने में मदद करते हैं। जोड़ों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए क्या जरूरी है, इस बारे में सटीक जानकारी जरूरी है। जोड़ों की देखभाल और मांसपेशियों तथा हड्डियों को मजबूत रखने के लिए सबसे अच्छा तरीका है, स्थिर रहें। जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए यहां कुछ ऐसे सुझाव दिए गए हैं, जिन्हें आजमा कर आप अपनी सर्दियां बिना किसी दर्द के काट सकते हैं..
जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है शरीर के वजन को नियंत्रण में रखना। शरीर का अतिरिक्त वजन हमारे जोड़ों, विशेषकर घुटने के जोड़ों पर दबाव बनाता है।
व्यायाम से अतिरिक्त वजन को कम करने और वजन को सामान्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है। कम प्रभाव वाले व्यायाम जैसे तैराकी या साइकिल चलाने का अभ्यास करें।
वैसे लोग जो अधिक समय तक कंप्यूटर पर बैठे रहते हैं, उनके जोड़ों में दर्द होने की संभावना अधिक रहती है। जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए अपनी स्थिति को लगातार बदलते रहिए
व्यायाम उपास्थि के पोषण में मदद करता है। यदि व्यायाम को खुशी के साथ किया जाए तो एंडॉर्फिन नामक हॉर्मोन निकलता है, जो आपको स्वस्थ होने का अनुभव देता है। एक दिन में कम से कम 20-40 मिनट तक जरूर टहलें।
मजबूत मांसपेशियां जोड़ों का समर्थन करती हैं। यदि आपकी मांसपेशियां कमजोर हैं, तो इससे आपके जोड़ों में विशेष रूप से रीढ़ की हड्डी, कूल्हों और घुटनों में दर्द होगा।
डिप्रेशन में हैं तो आज से ही शुरू कर दीजिए दौड़ना
बैठने का सही तरीका भी आपके कूल्हे और पीठ की मांसपेशियों की रक्षा करने में मदद करता है। कंधों को झुकाकर न खड़े हों। सीढ़ी चढ़ना दिल के लिए अच्छा है, लेकिन अगर सीढ़ी अप्राकृतिक है, तो यह आपके घुटनों को नुकसान पहुंचा सकती है।
स्वस्थ आहार खाना आपके जोड़ों के लिए अच्छा है। यह मजबूत हड्डियों और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है। हमें हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है।
अगर आपको नियमित भोजन से जरूरी मिनरल लेने में समस्या हो रही है, तो सप्लिमेंट ले सकते हैं। वर्तमान में, निर्धारित जरूरत के अनुसार 50 साल की उम्र तक के वयस्क पुरुषों और महिलाओं को नियमित रूप से 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम और 50 के बाद नियमित रूप से 1,200 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है।
71 साल की आयु के बाद 1,200 मिलीग्राम कैल्शियम पुरुष और महिला दोनों ले सकते हैं। इसे आप दूध, दही, ब्रोकली, हरी पत्तेदार सब्जी, कमल स्टेम, तिल के बीज, अंजीर और सोया या बादाम दूध जैसे पौष्टिक आहार को खाद्य पदार्थ के रूप में शामिल कर कैल्शियम की जरूरत पूरी कर सकते हैं।
हड्डियों और जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन डी की जरूरत होती है। आप जो आहार खाते हैं, उसमें विटामिन डी शरीर में कैल्शियम का अवशोषण में मदद करता है। यह हड्डियों के विकास और हड्डी के ढांचे को सक्षम बनाता है।
विटामिन डी की कमी मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बनता है, जो उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों के क्षतिग्रस्त होने के लिए जिम्मेदार होता है। विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी है। डेयरी उत्पाद और कई अनाज, सोया दूध और बादाम के दूध में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में होता है।
जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनमें हड्डियों का घनत्व कम होता है और उनके फ्रैक्चर होने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं। यह संभवत: कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के विकास और शक्ति को प्रभावित करने वाले एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के उत्पादन को कम करने से संबंधित है, जो हड्डियों के विकास और मजबूती के लिए जिम्मेदार होते हैं।
समय-समय पर अपने चिकित्सक से मिलते रहें। रक्त में यूरिक एसिड के स्तर की जांच नियमित रूप से कराते रहें।
Subscribe to:
Posts (Atom)
-
अब बहुत कम दिखाई देता है उल्लू। ऐसा माना जाता है कि उल्लू से नजरें मिलने के बाद इंसान के पांव वहीं जमा हो जाते हैं। व्यक्ति अपनी जगह से जस स...
-
धर्म ग्रंथों के अनुसार, देवी दुर्गा की पूजा करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। लेकिन दुर्गासप्तशती का स्थान महत्वपूर्ण है। जो व्...
-
सुहागरात पर वैवाहिक जोड़े क्या करते हैं यह जानने के लिए आप बहुत ही उत्साहित हो गये हो। तो अब आपका ज़्यादा समय ना लेते हुए हम आपको दिखाएंगे कि ...
-
मंगलवार को मंगल ग्रह का वार माना गया है। हनुमानजी मंगलवार के देव माने जाते हैं। हनुमानजी की पूजा सबसे जल्दी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली मानी ...
-
हिंदू धर्म में शादी से संबंधित कई परंपराएं निभाई जाती हैं जैसे कि सुहागरात की रस्म। शादी की पहली रात में दुल्हन अपने दुल्हे को बादाम और केसर...