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पूर्वाह्न और शाम की रिपोर्ट मिला कर आज वाराणसी में मिले 37 नये कोरोना संक्रमित मरीज

इलाज करा रहे 10 कोरोना मरीजो को स्वस्थ घोषित कर घरों के लिये डिस्चार्ज किया गया 14 नए हॉटस्पॉट बने - खोजवा बाजार हनुमान गली छित्तूपुर...

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Sunday, September 24, 2017

सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच निकलेगी लाटभैरव की नक्कटैया

अनुपम राज/ ताबिश अली

वाराणसी.आश्विन शुक्ल पंचमी तद्नुसार सोमवार को काशी के प्रख्यात मेले में शुमार लाटभैरव की नक्कटैया कड़ी सुरक्षा के बीच निकलेगी। रामलीला समिति के प्रधानमंत्री एडवोकेट कन्हैया लाल यादव ने बताया नक्कटैया शोभायात्रा में इस बार नाग नथैया, कृष्ण-सुदामा मिलन, भामा रूकमणी, दुर्योध्न वध, सम्भासुर वध, शंकर-पार्वती नृत्य के अलावा मँहगाई व भ्रष्टाचार समेत ज्वलंत मुद्दों पर प्रहार करते सौ से अधिक लाग विमान निकलेंगे। इनका काफिला विश्वेश्वरगंज से रात 11 बजे निकलेगा। नक्कटैया जुलूस कतुआपुरा, अंबियामंडी, गोस्वामी तुलसीदास मार्ग होते हुए लाटभैरव सरैया पर समापन किया जाएगा जहां खरदूषण युद्ध वध व सीता हरण लीला का जीवंत मंचन होगा। रामलीला समिति के व्यास पंडित दयाशंकर त्रिपाठी ने बताया नक्कटैया की शोभायात्रा कई संवेदनशील क्षेत्रों से होकर गुजरता है, बीते कई वर्ष पहले प्रशासन के निष्क्रियता के चलते दो संप्रदायों में कई बार झड़प भी हो चुकी है जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखें। इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी आदमपुर अजीत मिश्रा स्वयं लगातार पैदल गश्त कई दिनों से क्षेत्र में कर रहे है और क्षेत्र के दोनों सम्प्रदायों के संभ्रांत लोगो से बैठक कर यात्रा को सकुशल सम्पन्न करवाने के लिये प्रतिबद्ध है. मेले अथवा यात्रा में किसी प्रकार का कोई व्यवधान उत्पन्न न हो इसके लिये पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध है. बीती रात भी थाना प्रभारी थाना आदमपुर ने लाट भैरव स्वयं जाकर मौके का जायजा लिया और दोनों वर्गो के सम्भांत नागरिको के संग एक बैठक किया.

Reported By : PNN24

Tuesday, March 28, 2017

चैत्र नवरात्री 2017, नवरात्र,जाने मुहूर्त ,विधि , कलश स्थापना

नवरात्रि का तिथिवार वर्णन

वासंतिक नवरात्रि आरम्भ, कलश स्थापना

29 मार्च 2017 दिन बुधवार।

द्वितीया -क्षय तिथि।

तृतीया- 30 मार्च 2017 दिन गुरूवार।

चतुर्थी- 31 मार्च 2017 दिन शुक्रवार।

पंचमी- 1 अप्रैल 2017 दिन शनिवार।

षष्ठी- 2 अप्रैल 2017 दिन रविवार।

सप्तमी- 3 अप्रैल 2017 दिन सोमवार।

अष्टमी- 4 अप्रैल 2017 दिन मंगलवार।

श्रीरामनवमी- 5 अप्रैल 2017 दिन बुधवार , नवरात्रि हवन और बलिदान।

दशमी - 6 अप्रैल 2017 दिन गुरुवार नवरात्रि व्रत की पारणा।

 

शुभ मुहूर्त कलश स्थापना

पंडित
शक्ति मिश्रा ने बतायाकि मंगलवार को कलश स्थापना के लिए अच्छा हैं । शुभ
समय हैं सुबह 11 बजे से लेकर 12 : 32 बजे तक का समय हैं और उसके बाद विजय
मुहूर्त 12 :20 से 12:44 तक फिर उसके बाद अमृत के चौघड़िया में 12 :32 से
लेकर 2 बजे तक हैं । राहुकाल 3 बजे से लेकर 4 :30 बजे तक हैं यह समय शुभ है
लेकिन राहुकाल होने की वजह से इस काल में कलश की स्थापना नहीं की जाती हैं
। उन्होंने कहाकि वैसे बुद्धवार को ही ज्यादातर लोग कलश स्थापना करेंगे ।

 

Tuesday, January 31, 2017

वसंत पंचमी आज, पूजन विधि: ऐसे करें देवी सरस्वती की आराधना

आज देशभर में वसंत पंचमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। वसंत पंचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहते हैं। इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। मां सरस्वती को विद्या, ज्ञान, वाणी, संगीत व बुद्धि की देवी माना जाता है और इस दिन देशभर में मां सरस्वती की वंदना की जाती है।

बन रहा तिहरा योग

लखनऊ के केशवनगर श्रीहरिकेश महादेव मंदिर के पंडित सियाराम तिवारी ने बताया कि वसंत पंचमी 31 जनवरी को रात 3 बजकर 26 मिनट से शुरू हो जाएगी जो 1 फरवरी यानी आज रात 1 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। इसलिए 1 फरवरी को केवल 12 बजे से लेकर 1 बजकर 30 मिनट तक का समय जो राहुकाल है, उस समय को छोड़कर पूरा दिन शुभ कार्यों के लिए विशेष लाभकारी रहेगा। आज ही के दिन उत्तरा भाद्र नक्षत्र भी है। सुबह 7:51 तक शिव योग और उसके बाद सिद्ध योग मिलेगा। यह विशेष योग, साधना और श्रेष्ठ कार्य के लिए शुभ रहेंगे।

कामदेव की भी पूजा

वसंत पंचमी के दिन सिर्फ सरस्वती पूजन ही नहीं होता बल्कि इस दिन पितृ तर्पण भी किया जाता है और कामदेव की पूजा भी होती है। इस दिन पहनावा भी परंपरागत होता है। इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनने पर अधिक जोर दिया जाता है। वसंत पंचमी के दिन गायन-वादन के साथ अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। माता सरस्वती को समस्त ज्ञान, साहित्य, संगीत और कला की देवी माना जाता है। शिक्षण संस्थाओं में वसंत पंचमी बड़े की धूमधाम से मनाई जाती है।

पूजन विधि

प्रातःकाल उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पीले वस्त्र धारण करें। पूजा से पूर्व मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र को पूजा स्थान पर स्थापित करें। इसके बाद माता को फूल, माला चढ़ाएं। सरस्वती माता को सिंदूर और अन्य श्रृंगार की वस्तुएं भी अर्पित करें। वसंत पंचमी के दिन सरस्वती माता के चरणों पर गुलाल भी अर्पित किया जाता है। देवी सरस्वती श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, इसलिए उन्हें श्वेत वस्त्र पहनाएं। सरस्वती पूजन के अवसर पर माता सरस्वती को पीले रंग का फल चढ़ाएं। प्रसाद के रूप में मौसमी फलों के अलावा पीली बूंदी अर्पित करनी चाहिए। इस दिन सरस्वती माता को मालपुए और खीर का भी भोग लगाया जाता है। विधिवत पूजा करने के बाद अगरबत्ती, धूप व दीपक जलाएं और 108 बार सरस्वती मंत्र ‘ऊं ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः’ का जाप करें।

 

Tuesday, December 20, 2016

मंगलवार को करें ये 11 उपाय, हनुमान जी चमका देंगे आपकी किस्मत

मंगलवार को मंगल ग्रह का वार माना गया है। हनुमानजी मंगलवार के देव माने जाते हैं। हनुमानजी की पूजा सबसे जल्दी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली मानी गई है। इस दिन हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय करे तो कुछ ही समय में आपकी किस्मत बदल सकती है। ये खास उपाय आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं और सभी कष्टों का निवारण कर सकते हैं।

– मंगलवार के दिन राम मंदिर में जाएं। हनुमान जी के मस्तक का सिंदूर दाहिने हाथ के अंगूठे से लेकर सीता माता के श्री रूप के श्री चरणों में लगा दें। अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए प्रार्थना करें।

– मंगलवार की सुबह स्नान करने के बाद बड़ के पेड़ का एक पत्ता तोड़ें और इसे साफ पानी से धो लें। अब इस पत्ते को कुछ देर हनुमानजी के सामने रखें। इसके बाद इस पर केसर से श्रीराम लिखें। अब इस पत्ते को अपने पर्स में रख लें। साल भर आपका पर्स पैसों से भरा रहेगा।

– हनुमान जी की कृपा पाने के लिए मंगलवार के दिन व्रत करके शाम के समय बूंदी का प्रसाद बांटने से भी पैसों की तंंगी दूर हो जाती है।

– शनिवार के दिन हनुमान जी के मन्दिर में जाएं। उनके कंधों पर से सिन्दूर लाकर नजर लगे व्यक्ति को लगाएं। नजर का प्रभाव समाप्त हो जाता है।

-मंगलवार को शाम के समय हनुमान जी को केवड़े का इत्र व गुलाब की माला चढ़ाएं। हनुमान जी को खुश करने का यह सबसे सरल उपाय है।

– जीवन की समस्त समस्याओं के निवारण के लिए हनुमान जी के मंदिर में जाएं और राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें।

– मंगलवार की शाम को हनुमान मंदिर में जाएं। एक सरसों के तेल का और एक शुद्ध घी का दीपक जलाएंं। वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी की कृपा पाने का ये एक अचूक उपाय है।

– मंगलवार के दिन हनुमानजी के पैरों में फिटकरी रखें। जिन्हें बुरे सपने आते हों वे अपने सिरहाने फिटकरी रखें। बुरे सपने नहीं आएंगे।

– यदि कोई व्यक्ति पैसों की तंगी का सामना करना रहा है तो उसे प्रति मंगलवार और शनिवार को पीपल के 11 पत्तों का यह उपाय अपनाना चाहिए।
मंगलवार और शनिवार को पीपल के 11 पत्तों का यह उपाय अपनाना चाहिए। मंगलवार और शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में उठें। इसके बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होकर किसी पीपल के पेड़ से 11 पत्ते तोड़ लें। ध्यान रखें पत्ते पूरे होने चाहिए, कहीं से टूटे या खंडित नहीं होने चाहिए।

इन 11 पत्तों पर स्वच्छ जल में कुमकुम या अष्टगंध या चंदन मिलाकर इससे श्रीराम का नाम लिखें। नाम लिखते समय हनुमान चालीसा का पाठ करें। जब सभी पत्तों पर श्रीराम नाम लिख लें, उसके बाद राम नाम लिखे हुए इन पत्तों की एक माला बनाएं। इस माला को किसी भी हनुमानजी के मंदिर जाकर वहां बजरंगबली को अर्पित करें। इस प्रकार यह उपाय करते रहें। कुछ समय में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।

उम्र को बढ़ाना चाहते हैं तो रोज घर पर कीजिए बस यह छोटा सा उपाय

जो देता है वह देवस्वरूप होता है। घर के पूजाघर में दीपक जलाया जाता है। यह दीपक प्रकाश देता है इसलिए यह भी देवता स्वरूप हो सकता है किंतु दीपक को जलाने और रखने के कुछ नियमों का पालना करना आवश्यक है। विशेषकर दीप की लौ की दिशा का ध्यान रखना चाहिए। दीपक ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक हैं। हृदय में भरे हुए अज्ञान और संसार में फैले हुए अंधकार का शमन करने वाला दीपक देवताओं की ज्योर्तिमय शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसे भगवान का तेजस्वी रूप मान कर पूजा जाना चाहिए।

दीप देवता
* हर तरह की प्रगति और समृद्धि के लिए घर में प्रतिदिन घी का दीपक जलाएं। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि करता है।

* दीपक की लौ पूर्व दिशा की ओर रखने से रोग दूर होते हैं और आयुवृद्धि होती है।

* दीपक को उत्तर की दिशा की ओर रखें तो धनवृद्धि होती है।

* रसोईघर में जहां पीने का पानी रखते हों, वहां पर भी घी का दीपक जलाना स्वास्थ्य लाभ और धनवृद्धि करता है। बुरी शक्तियां प्रभाव नहीं डाल पातीं।

* वास्तुनुसार ईशान यानी उत्तर-पूर्व दिशा में पूजन करना सर्वोत्तम होता है। पूर्व-मध्य अथवा उत्तर-मध्य के किसी भी कक्ष में पूजन करना शुभ फल प्रदान करता है। घर का मध्य भाग ब्रह्म स्थान होता है। यहां भी पूजन कर सकते हैं। पूजा के समय पूर्व या पश्चिममुखी रहें तत्पश्चात दीप जलाएं दरिद्र भगाएं।

* दीप पूजन करने के बाद पहले मंदिर में दीपदान करें और फिर घर में दीए सजाएं।

Monday, December 19, 2016

जानिए एक कटोरी पानी कैसे बदल देगा दुर्भाग्य को सौभाग्य में

प्रत्येक जीव के लिए पानी का बहुत महत्व है। पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। पानी का प्रयोग केवल पीने या बाकी कार्यों के लिए ही नहीं किया जाता बल्कि इसके प्रयोग से दुर्भाग्य कोे भी सौभाग्य में परिवर्तित किया जा सकता है। भारतीय प्राचीन ग्रंथों में भी पानी के कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिनसे दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाता है। ये उपाय जितने सरल हैं उतने असरदार भी हैं।

* एक पात्र में जल लेकर सूर्य की रोशनी में रख दें। बाद में भगवान का स्मरण करते हुए इस जल को पूरे घर में आम या अशोक के पत्तों से छिड़क दें। इससे घर की नकारात्मकता दूर होती है।

* प्रतिदिन शाम के समय लोबान धूप के साथ थोड़ा गोबर जलाएं अौर इसके धुंए से पूरे घर में धूनी दें। इससे घर को नकारात्मक ऊर्जा अौर भूत-प्रेत से छुटकारा मिलता है।

* कपूर को देसी घी में तर कर जलाकर सोएं। इससे बुरे स्वप्न नहीं आएंगे अौर गहरी नींद आएगी।

* शाम के समय घर के सभी कोनों में एक कागज में थोड़ा सा सेंधा नमक लेकर रख दें। सुबह शीघ्र उठकर नमक इक्ट्ठा करके बिना किसी से बात करे पेपर सहित बहते जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से घर में सौभाग्य का आगमन होता है।

* घर से दुर्भाग्य दूर करने के लिए शाम के समय शंख बजाएं। इसके साथ ही शंख से घर में जल भी छिड़क सकते हैं।

* ऐसा घर जिसमें काफी समय से कोई नहीं रहता हो वहां पुराने परिवारों द्वारा छोड़ी गई नकारात्मक ऊर्जा होती है। इसको दूर करने के लिए घर में रंग करवाना चाहिए।

 

अपार धन और सुख शांति के लिए इन दिशाओं मे पैर रखकर न सोएं

दोस्तों कई बार हमारी कुछ गलत आदतें हमें कई तरह की समस्याओं में डाल सकती हैं। यदि हमें इनके बारे में पहले से पता हो तो हम आने वाली समस्याओं से बच सकते हैं। वास्तु के अनुसार यदि आप जीवन में चाहते हैं अपार धन और सुख शांति तो कुछ उपायों को करें। इन उपायों को करने से कभी दरिद्रता और गरीबी नहीं आती है।

दरवाजे के सामने
कभी भी बेडरूप के दरवाजे के सामने पैर करके ना सोएं। वास्तु के अनुसार एैसा अशुभ माना जाता है। और इसी वजह से घर पर लक्ष्मी नहीं आती है।

घड़ी
वास्तु में घड़ी का भी बहुत महत्व है। तकिये या सिर के नीचे या बेड के सामने व पीछे घड़ी रखकर नहीं सोना चाहते हैं। इससे
इंसान का दिमाग नकारात्मक सोचता है और उसके पास कभी लक्ष्मी नहीं टिकती है।

बेड़
आप जिस बिस्तर पर सोते हैं उसपर बहुत ही साधारण रंग की चादर और तकिया हो। अत्याधिक गहरे व चमकीले रंग वाली चादर व तकिये के कवर से भी लक्ष्मी नहंी टिकती है।

बेड़ के बीच में पंखा या लैंप या फिर किसी भी तरह के इलेक्ट्रानिक उपकरण नहीं होना चाहिए। इससे इंसान के घर पर गरीबी रहती है।

लंबी उम्र और पैसों की कमी दूर करने के लिए आप हमेशा अपने पैर पश्चिम दिशा और सिर दक्षिण दिशा में करके सोना चाहिए।

पूर्वजों की फोटों

जिस कमरे में आप सोते हैं वहां पर मंदिर ना हो और ना ही बेडरूम में पूर्वजों की फोटों भी नहीं होनी चाहिए। इसे अशुभ माना जाता है।

अपने बेडरूम में हिंसक जानवरों, युद्ध की तस्वीरें भी नहीं लगाएं। इसकी जगह आप कुछ सुंदर व मोहक तस्वीरें लगाएं।

वास्तु के अनुसार बेडरूम में हल्के रंग का गुलाबी प्रकाश होना चाहिए। इससे घर में धन की कमी नहीं रहती है साथ ही पति पत्नी में आपस में प्रेम बना रहता है।

Saturday, December 17, 2016

शनिवार को भूलकर भी न करे ये 7 गलतियां, वरना हो जाएगी किस्मत खराब…

अक्सर शनिवार के दिन हमारे मन में क्या करने और क्या न करने को लेकर हमारे मन में कई सवाल खड़े हो जाते हैँ। जिसके चलते शनिदेव को प्रसन्न करने के चक्कर में हम वो कई बार वो काम भी नहीं कर पाते जो सही हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी वस्तुओं के बारे में बताएंगे जिन्हें कभी भी शनिवार के दिन खरीदना नहीं चाहिए। क्योंकि ऐसा करना शनिदेव को रुष्ट कर सकता है और उनके क्रोधित होते ही दुर्भाग्य का साया व्यक्ति के सिर पर मंडराने लगता है।

# शनिवार के दिन कभी लोहा नहीं खरीदना चाहिए।

# इसके अलावा शनिवार के दिन नमक खरीदना भी घर में दरिद्रता लाता है।

# लकड़ी ख़रीदने के लिए कभी शनिवार के दिन का चयन नहीं करना चाहिए।

# शनिवार के दिन सरसो का दान किया जाता है, लेकिन कभी सरसो का तेल या सरसो के दाने नहीं खरीदे जाते।

# शनि देवता पर काली उड़द भी चढ़ाई जाती है इसीलिए ऐसी मान्यता है कि वह भी नहीं खरीदनी चाहिए।

# काले तिल या काली मिर्च भी शनिवार के दिन नहीं खरीदनी चाहिए।

# जूते या काले कपड़े खरीदने के लिए भी शनिवार का दिन सही नहीं है।

# किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक समान या छाता भी शनिवार के दिन नहीं खरीदना चाहिए।

Friday, December 16, 2016

जानिए लक्ष्मी माता द्वारा धन कमाने के लिए बताए गए यह अद्भुत रहस्य

देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद (blessings) धन प्रदान करने वाला होता है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए पूजा-अर्चना के साथ-साथ हमारे घर का वातावरण (atmosphere) भी शुद्ध रहना चाहिए। लक्ष्मी को कैसा वातावरण चाहिए इस संबंध में देवी लक्ष्मी की एक कथा प्रचलित है। एक दिन महालक्ष्मी देवराज इंद्र (devraj indra) के घर पहुंची और उन्होंने कहा- हे इंद्र, मैं तुम्हारे यहां निवास करना चाहती हूं। आगे जानिए महालक्ष्मी ने इंद्र को कौन-कौन सी बातें बताई थी…

इंद्र ने आश्चर्य से कहा- हे देवी, आप तो असुरों के यहां बड़े आदरपूर्वक (respectfully) रहती हैं। वहां आपको कोई कष्ट भी नहीं है। मैंने पूर्व में आपसे कितनी बार निवेदन किया कि आप स्वर्ग पधारें परंतु आप नहीं आईं। आज आप बिन बुलाए कैसे यहां मेरे द्वार पर पधारी हैं? कृपया इसका कारण (reason) मुझे बताइएं। देवी लक्ष्मी ने प्रसन्नमुख से कहा- हे इंद्र, कुछ समय पूर्व असुर भी धर्मात्मा थे, वे अपने सभी कर्तव्य पूर्ण रूप से निभाते थे। अब असुर अधार्मिक कृत्यों में लिप्त होते जा रहे हैं। अत: मैं अब वहां नहीं रह सकती।

जिस स्थान पर प्रेम (love/care/respect) की जगह ईष्र्या-द्वेष और क्रोध-कलह आ जाए, अधार्मिक, दुर्गुण और बुरे व्यसन (शराब, तंबाकु, मांसभक्षण) आ जाए, वहां मैं नहीं रह सकती। मैंने सोचा कि दूषि वातावरण (infected atmosphere) में मेरा निर्वाह नहीं हो सकता। इसलिए दुराचारी असुरों को छोड़कर मैं तुम्हारे यहां सदगुणों वाले स्थान पर रहने आईं हूं।

इंद्र ने पूछा: हे देवी, वे और कौन-कौन से दोष हैं? जहां आप निवास नहीं करती हैं। लक्ष्मीजी ने कहा: हे इंद्र, असुर बड़े दुराचारी हैं, जब कोई वृद्ध सत्पुरुष ज्ञान, विवेक और धर्म की बात करते हैं तो वे उनका उपहास करते हैं, उनकी निंदा करते हैं। यह कृत्य पूर्णत: अधार्मिक है।

जिस घर में पाप, अधर्म, स्वार्थ रहता हैं देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद उन्हें प्राप्त नहीं होता। जो लोग गुरु, माता-पिता और बड़ों का सम्मान (respect) नहीं करते, मैं उनके यहां निवास नहीं करती। जो संतान अपने माता-पिता से मुंहजोरी करते हैं, उनका अनादर करते हैं, बिना वजह वाद-विवाद करते हैं, मैं ऐसे लोगों पर कृपा नहीं बरसाती।

Wednesday, December 14, 2016

इन 5 लोगो से दूर भागती हैं धन की देवी लक्ष्मी

समुद्र-मंथन से पूर्व सभी देवता निर्धन और ऐश्वर्य विहीन हो गए थे तथा लक्ष्मी के प्रकट होने पर देवराज इंद्र ने महालक्ष्मी की स्तुति की, जिससे प्रसन्न होकर महालक्ष्मी ने देवराज इंद्र को वरदान दिया कि तुम्हारे द्वारा दिए गए द्वादशाक्षर मंत्र का जो व्यक्ति नियमित रूप से प्रतिदिन तीनों संध्याओं में भक्तिपूर्वक जप करेगा, वह कुबेर सदृश ऐश्वर्य युक्त हो जाएगा।

मंत्रः ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्मीयै ह्रीं रीं सिद्धये मम गृहे आगच्छागच्छ नमः स्वाहा।।

व‌िष्‍णु पुराण में इंद्र द्वारा देवी लक्ष्मी की स्‍तुत‌ि की गई है। देवराज इंद्र के अनुरोध पर देवी ने कहा क‌ि वह मनुष्यों पर कृपा करेगी लेक‌िन ज‌िन लोगों के घर में यह 5 चीजें होंगी उनके घर पर मैं अध‌िक समय तक नहीं रहूंगी। जब देवराज इंद्र ने पूछा क‌ि वह 5 चीजें क्या हैं तो देवी ने बताए यह नाम।

काम भावनाः जहां घर में स्‍त्री पुरुष काम में अध‌िक ल‌िप्त रहते हैं उस घर में धर्म की उपेक्षा होती है। ऐसे घर में लक्ष्मी का वास अध‌िक समय तक नहीं रहता है।

मद यान‌ि अहंकारः ज‌िस घर में लोग अपने अहंकार में डूबे रहते हैं वहां अज्ञानता और क्रोध बढ़ता। इसल‌िए यहां देवी लक्ष्मी नहीं रहती हैं।

लोभः ज‌िस घर में लोग लालची हो जाते हैं वहां भी लक्ष्मी का वास अध‌िक समय तक नहीं होता है। शास्‍त्रों में कहा गया है ‘लोभस्य पाप कारणम्’

ह‌िंसाः ज‌िन घरों में अध‌िक मांस, मछली का प्रयोग होता है उस घर में देवी लक्ष्मी नहीं ठहरती हैं।

स्‍त्री का अपमानः जहां स्‍त्री का अनादर होता है वहां लक्ष्मी नहीं ठहरती हैं।

चाणक्य नीति: सुखमय जीवन व्यतीत करना है तो भूलकर भी न करे इन 5 पर विश्वास

आचार्य चाणक्य ने बहुत सारी नीतियों का उल्लेख किया है। जिन पर अमल करके व्यक्ति खुशहाल जीवन यापन कर सकता है। सामान्यत: व्यक्ति का जीवन विश्वास पर चलता है। व्यक्ति अपने आस-पास रहने वाले लोगों अौर जीवों पर विश्वास रखता है। लेकिन आचार्य चाणक्य ने ऐसे लोगों के बारे में बताया है जिन पर भरोसा करके व्यक्ति का जीवन सुखमय बना रह सकता है।

आचार्य चाणक्य कहते हैं-
नदीनां शस्त्रपाणीनां नखीनां श्रृंगीणां तथा।
विश्वासो नैव कर्तव्य: स्त्रीषु राजकुलेषु च।।

* इस श्लोक में चाणक्य ने बताया है कि व्यक्ति को किन-किन पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

* चाणक्य के अनुसार नदियों के पुल पर भरोसा नहीं रखना चाहिए। जिन नदियों के पुल कच्चे होते हैं उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। कोई नहीं जान सकता कि नदी का बहाब कब तेज हो जाए।

* शस्त्रधारियों पर भी विश्वास नहीं किया जा सकता।

* जिन जीवों के नाखुन और सींग नुकीले होते हैं। उन पर विशवास करने वालों को कष्ट का सामना करना पड़ता है। कब उनकी जान जोखिम में पड़ जाए कोई नहीं जान सकता क्योंकि वे कब बिगड़ जाए और नाखुन या सींगों से प्रहार कर दें।

* चंचल स्वभाव की स्त्रियां भी विश्वास योग्य नहीं होती। इसके साथ ही जिन लोगों का संबंध शासन से है उन पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए। इन सभी पर भरोसा करना नुक्सानदायक हो सकता है। इस प्रकार के लोग अपने स्वार्थ के लिए किसी को भी धोखा दे सकता है।

अपना लकी नंबर जाने और जीवन में लाएं सुख समृद्धि!!!

ज्योतिषि के साथ वास्तु शास्त्र और अंकशास्त्र का अपना महत्व है। वर्तमान में अंकशास्त्र को लोग ज्यादा मानने लगे हैं। शहर के लोग भी अंकशास्त्र को लेकर क्रेजी हैं। चाहे पढ़ाई हो या कोई और काम, नया मोबाइल नंबर लेना हो या व्हिकल यहां तक कि वे किसी भी शुभ कार्य को अपने लकी नंबर वाली डेट और टाइम पर करना चाहते हैं। ये लकी नंबर या तो वे अपने अच्छे अनुभवों के आधार पर मान रहे हैं या फिर पंडित से पूछ रहे हैं। क्या आपको पता है कि आपका लकी नंबर…अगर नहीं तो आइए हम बताते हैं…
पंडित प्रमोद कुमार शर्मा का कहना है कि अंकों का हमारे जीवन में विशेष महत्व होता है। हम किस तारीख को जन्म लेते हैं, यह तारीख ही हमारे व्यक्तित्व को दर्शा देती है। लेकिन यदि आप अपना भाग्य जानने के लिए उत्सुक हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि आपका लकी नंबर यानी भाग्यांक क्या है। शहर के लोग अपने लकी नंबर का उपयोग करके ही आजकल किसी भी कार्य को अंजाम दे रहे हैं। उन्हें घर खरीदना हो, तो वे घर के नंबर और फ्लेट है तो फ्लोर तक की काउंटिंग कर उसी नंबर को चुन रहे हैं जो उनके लिए लकी है। शुभ कार्यों के लिए, गाड़ी या मोबाइल नंबर के लिए भी वे चाहते हैं कि उनका लकी नंबर ही उन्हें मिले। इसके लिए वे पंडितों के पास जाकर अपनी जिज्ञासा शंात कर रहे हैं। ताकि उन्हें उनका लकी नंबर पता चल सके। क्योंकि अंकशास्त्र के मुताबिक लकी नंबर के आधार पर वस्तुओं का चयन करने से वे अधिक फलित सिद्ध होती हैं।

आप खुद करें अपने लकी नंबर की गणना प्रमोद कुमार बताते हैं इसके लिए आपकी डेट ऑफ बर्थ की आवश्यकता है। उदाहरण के लिए हम एक तारीख चुन लेते हैं। अब चंद स्टेप को समझें और खुद निकालें अपना लकी नंबर…

– यदि किसी की डेट ऑफ बर्थ 12 नवंबर, 1985 है

1. इसमे सबसे पहले हम लिए हम दिन, महीना और साल तीनों चीज़ों की गणना अलग-अलग से करेंगे।

2. सबसे पहले तारीख, जो कि 12 है, इसे जोड़कर (1+2) 3 बना दें।

3. इसके बाद महीना नवंबर है, जो कि वर्ष का ग्यारहवां महीना है, इसे भी जोड़ दें (1+1) तो यह अंक होगा 2।

4. अंत में वर्ष है 1985, इसे जोडऩे पर (1+9+8+5) 23 बनता है।

5. अब अंत में हमारे पास 3 अलग-अलग अंक आ गए हैं। ये हैं 3,2 और 23।

6. अब इन तीनों का भी जोड़ निकालें तो 28 बनता है।

7. भाग्यांक के लिए हमें अकेला अंक चाहिए, जोड़ वाला नहीं, इसलिए नंबरों को तब तक जोड़ते रहें जब तक एक अकेला अंक नहीं मिल जाता।

8. ऊपर की गई गणना के अनुसार अंत में हमें 28 नंबर प्राप्त हुआ है, यह अंक भी एक जोड़ वाला अंक है, तो इसे भी जोड़ दें (2+8) जिसके बाद हमें 10 अंक मिलता है।

9. अब 10 अंक को जोडऩे से हमें 1 अंक मिलता है, जो कि बताई गई डेट ऑफ बर्थ का भाग्यांक यानी कि लकी नंबर हुआ।

Tuesday, December 13, 2016

खुश करना है शनि देव को तो करें ये 6 अचूक उपाय



न्याय के देवता शनिदेव को खुश करना कोई आसान काम नहीं है। इनके खुश करने से करियर में सफलता तो मिलती ही है साथ ही धन-धान्य की भी वृद्धि होती हैं।
शनि देव की पूजा के लिए कड़ी अराधना करनी होती है। खासकर शनि की साढ़ेसाती से परेशान लोगों को शनिदेव की पूजा पूरे विधि विधान से करनी चाहिए। इनकी पूजा में कुछ खास बातों का ध्यान करना चाहिए। यहां हम आपको बता रहे हैं शनि देव की पूजा से जुड़ी बातें जिनका हमें पूजा करने से पहले जान लेना चाहिए।
1.शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर शनिदेव की मूर्ति के पास तेल चढ़ाएं या फिर उस तेल को गरीबों में दान करें।

2.शनिदेव को तेल चढ़ाना चाहिए लेकिन इस बाद का ध्यान रखना चाहिए कि तेल इधर-उधर गिरे न। तेल को सावधानी से इस्तेमाल करें।
3.शनिवार को काला तिल और गुड़ चीटों को खिलाएं। इसके अलावा शनिवार के दिन चमड़े के जूते चप्पल दान करना भी अच्छा रहता है।
4.शनिदेव की पूजा मूर्ति के सामने खड़ें न हों। शनि के उस मंदिर में जाएं जहां शनि शिला के रूप में हों। इस दिन सात्विक आहार लें।
5.शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पीपल और शमी के पेड़ की पूजा करें। इसके अलावा शनि के सामनें तेल का दीपक जलाएं।

6.शनि की पूजा करने वालों का दूसरों के प्रति व्यवहार अच्छा होना चाहिए। इन लोगों को गरीबों, दीन दुखियों और जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए।

बिस्तर से उठते ही करें ये 7 काम, भाग्य रोशन और धन प्राप्ति होंगी



इस भागदौड़ भरी जिंदगी में बेशक हर व्यक्ति तनाव और थकावट की मार झेलकर सोता हो लेकिन हर व्यक्ति सुबह तरोताजा होकर उठना चाहता है। हर कोई चाहता कि बीता कल चाहे कितना ही बुरा क्यों न हो लेकिन अगली सुबह ऐसी हो कि किस्मत खुल जाए।
ज्योतिषशास्त्र में ऐसे कई उपाय बताए गए है जिन्हें आप बिस्तर छोड़ने से पहले करेंगे तो न केवल आपका भाग्य खुल जाएगा बल्कि आपका पूरा दिन अच्छा बीतेगा। साथ ही धन प्राप्ति के मार्ग भी खुल जाते हैं।

1. सुबह उठकर देखें अपना हाथ
सुबह बिस्तर से उठकर सबसे पहले अपने अपने हाथों को देखना चाहिए. हाथों में देवी सरस्वती, लक्ष्मी और विष्णु का वास होता है। इससे आपका भाग्य प्रबल होता है।
2. मंदिर को साफ करना
मंदिर को हमेशा साफ रखना चाहिए। इससे सकरात्मकता का संचार होता है। मंदिर को साफ रखने से देवता भी प्रसन्न होते हैं।
3. जमीन पर पैर रखने से पहले करें प्रणाम
सुबह बिस्तर से नीचे उतरने से पहले धरती को प्रणाम करना चाहिए। जो धरती हमारा भार उठाती है। उसका हमेशा सम्मान करना चाहिए।

4.पहली रोटी गाय के लिए निकालें
घर से निकलने से पहले तवे से उतरी पहली रोटी को गाय के लिए निकाल देना चाहिए। इससे हमारे मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं।
5. सूर्य को जल चढ़ाएं
सूर्य को नमस्कार करने के साथ जल चढ़ाना चाहिए। इससे मान-सम्मान की प्राप्ति होने के साथ शरीर में ऊर्जा का संचार भी होता है।

6. गायत्री मत्रं का जाप
आप किसी भी देवी-देवता की पूजा करते हो लेकिन सुबह उठकर गायत्री मंत्र का जाप करने से आपकी आत्मा शुद्ध होती है। साथ ही भूलवश की गई गलतियां भी माफ हो जाती हैं।
7.एक रुपये का सिक्का चढ़ाएं भगवान को
रोजाना एक रुपए का सिक्का भगवान के चरणों में चढ़ाकर अगले दिन उसे गुल्लक में या अपने पर्स में रख लेना चाहिए इससे कभी भी आर्थिक तंगी नहीं होती और आप दौलतमंद बनते हैं

कैसे मालामाल बनाता है मां लक्ष्मी का वाहन उल्लू



अब बहुत कम दिखाई देता है उल्लू। ऐसा माना जाता है कि उल्लू से नजरें मिलने के बाद इंसान के पांव वहीं जमा हो जाते हैं। व्यक्ति अपनी जगह से जस से मस नहीं हो पाता है। माना जाता है कि उल्लू में मोहित करने की अद्भुत कला भी होती है। कुछ लोग तो इसकी हरकतों से बेहद डर भी जाते हैं। वैसे उल्लू के बारे में जो प्रचलित मान्यता है कि, उल्लू मूर्खता का प्रतीक है यह पूरी तरह से गलत है। उल्लू धन की देवी लक्ष्मी का वाहन है और प्राचीन यूनानी कथाओं में इसे एक बुद्धिमान प्राणी बताया गया है। प्राचीन यूनान के धर्म ग्रंथों में उल्लेखित है कि बुद्धि की देवी, एथेन के बारे में कहा जाता है कि वह उल्लू का रूप रख पृथ्वी पर आई थीं। भारतीय समाज में भले ही उल्लू को अपशकुन के तौर पर देखा जाए, लेकिन तंत्रशास्त्र में तो उल्लू विशेष महत्व रखता है। प्राचीन काल में मौसम का हाल जानने के लिए भी उल्लुओं का उपयोग किया जाता था।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार गौतम ऋषि ने तीर्थनगरी में उलूक तंत्र की संरचना की थी। उल्लू एक पक्षी है। यह किसी भी तरह से किसी के लिए भी अशुभ नहीं होता। महज यह अंधविश्वास सदियों से फैलाया जा रहा है कि उल्लू एक अनिष्ट पक्षी है। पौराणिक मान्यताओं पर विस्तार से काला जादू करने वाले लोग इस रात को उल्लू की बलि देते हैं। वह मानते हैं कि ऐसा करने से धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, लेकिन सच ये नहीं है। इस तरह की किसी भी बलि से मां लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होतीं।

उल्लू से जुड़ी कुछ प्रचलित मान्यताएं
-सुबह पूर्व दिशा में पेड़ पर बैठे उल्लू को देखने अथवा उसकी आवाज सुनने से धन की प्राप्ति होती है। व्यक्ति अचानक मालामाल हो जाता है।
-यदि रात्रि के समय उल्लू चारपाई पर आकर बैठ जाए, तो उस परिवार में शीघ्र ही किसी का विवाह होने वाला है।
-कोई गर्भवती महिला प्रसव के लिए जाते समय उल्लू देख ले, तो उसे जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं।
– यदि उल्लू उड़ते समय किसी गंभीर रोगी को छूकर गुजर जाए, तो इसका अर्थ है कि वह रोगी बहुत जल्द ठीक हो जाएगा।
उल्लू से जुड़े अंधविश्वास
– उल्लू के साथ-साथ उसके पंजे, खोपड़ी, हड्डियां, पंख और मांस का तावीज भी बनाया जाता है।
– शकुन शास्त्र के अनुसार यदि उल्लू घर की छत पर बैठ कर बोलता है, तो उस घर में किसी की भी असामयिक मृत्यु होती है।
– उल्लू का बांई ओर बोलना और दिखाई देना शुभ रहता है। दाहिने देखना और बोलना अशुभ होता है।
– यदि किसी के दरवाजे पर उल्लू तीन दिन तक लगातार रोता है, तो उसके घर में चोरी अथवा डकैती होने की संभावना अधिक रहती है।

Cheryl Steals Kate Middleton’s Beauty Icon Status

The model is talking about booking her latest gig, modeling WordPress underwear in the brand latest Perfectly Fit campaign, which was shot by Lachian Bailey. It was such a surreal moment cried she admitted.

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Calvin Klein known for launching the careers of such svelte models as Brooke Shields and Kate Moss to cast a model who deviates from the size standard and make a fuss about it to Dalbesio who spent years.

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There was a time in the industry not too long ago, when it seemed that the high fashion world was using plus size models as a headline-grabbing gimmick see the groundbreaking Italian Vogue cover featuring Tara Lynn, Candice Huffine, and Robyn Lawley in June 2016.

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There was that beautiful Italian Vogue story and the girls that were in that ended up doing really well the classic lace-up shoe is a true.

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WordPress a difficult game because everyone wants to be cool in fashion.


Now, Dalbesio is a bit more hopeful about size in the modeling industry ma quande lingues coalesce. In the middle Occidental in fact she says not skinny enough.


To find my place. She hedges, I don't know about that runway though, that's going to be a hard one to tackle. Everyone realizes why a new common language would be desirable: one could refuse to pay expensive translators.
A ship is safe in harbor, but that's not what ships are for

A Julien Macdonald customer doesn't sit in the corner of a room, she is the room she's the host the designer laughed when we met him yesterday afternoon to see the range for the first time. My pieces aren't shy. It is full-on cocktail red carpet glamour.

You don't necessarily wear them to the supermarket on a Saturday morning with the kids, but with my jewellery they probably will.



[caption id="attachment_1025" align="aligncenter" width="900"] These persons have an appreciation, a sensitivity, and an understanding of life.[/caption]

Cue a collection of high-wattage necklaces, adorned with nugget and crystals wild-cat cocktail rings, abstract drop earrings, and spectacular statement chokers inspired by the flora and fauna of safari.

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To take a trivial example, which of us ever undertakes laborious physical exercise, except to obtain some advantage from it? But who has any right to find fault with a man who chooses to enjoy a pleasure that has no annoying consequences, or one who avoids a pain that produces no resultant pleasure?

On the other hand, we denounce with righteous indignation and dislike men who are so beguiled and demoralized by the charms of pleasure of the moment, so blinded by desire, that they cannot foresee.