देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद (blessings) धन प्रदान करने वाला होता है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए पूजा-अर्चना के साथ-साथ हमारे घर का वातावरण (atmosphere) भी शुद्ध रहना चाहिए। लक्ष्मी को कैसा वातावरण चाहिए इस संबंध में देवी लक्ष्मी की एक कथा प्रचलित है। एक दिन महालक्ष्मी देवराज इंद्र (devraj indra) के घर पहुंची और उन्होंने कहा- हे इंद्र, मैं तुम्हारे यहां निवास करना चाहती हूं। आगे जानिए महालक्ष्मी ने इंद्र को कौन-कौन सी बातें बताई थी…
इंद्र ने आश्चर्य से कहा- हे देवी, आप तो असुरों के यहां बड़े आदरपूर्वक (respectfully) रहती हैं। वहां आपको कोई कष्ट भी नहीं है। मैंने पूर्व में आपसे कितनी बार निवेदन किया कि आप स्वर्ग पधारें परंतु आप नहीं आईं। आज आप बिन बुलाए कैसे यहां मेरे द्वार पर पधारी हैं? कृपया इसका कारण (reason) मुझे बताइएं। देवी लक्ष्मी ने प्रसन्नमुख से कहा- हे इंद्र, कुछ समय पूर्व असुर भी धर्मात्मा थे, वे अपने सभी कर्तव्य पूर्ण रूप से निभाते थे। अब असुर अधार्मिक कृत्यों में लिप्त होते जा रहे हैं। अत: मैं अब वहां नहीं रह सकती।
जिस स्थान पर प्रेम (love/care/respect) की जगह ईष्र्या-द्वेष और क्रोध-कलह आ जाए, अधार्मिक, दुर्गुण और बुरे व्यसन (शराब, तंबाकु, मांसभक्षण) आ जाए, वहां मैं नहीं रह सकती। मैंने सोचा कि दूषि वातावरण (infected atmosphere) में मेरा निर्वाह नहीं हो सकता। इसलिए दुराचारी असुरों को छोड़कर मैं तुम्हारे यहां सदगुणों वाले स्थान पर रहने आईं हूं।
इंद्र ने पूछा: हे देवी, वे और कौन-कौन से दोष हैं? जहां आप निवास नहीं करती हैं। लक्ष्मीजी ने कहा: हे इंद्र, असुर बड़े दुराचारी हैं, जब कोई वृद्ध सत्पुरुष ज्ञान, विवेक और धर्म की बात करते हैं तो वे उनका उपहास करते हैं, उनकी निंदा करते हैं। यह कृत्य पूर्णत: अधार्मिक है।
जिस घर में पाप, अधर्म, स्वार्थ रहता हैं देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद उन्हें प्राप्त नहीं होता। जो लोग गुरु, माता-पिता और बड़ों का सम्मान (respect) नहीं करते, मैं उनके यहां निवास नहीं करती। जो संतान अपने माता-पिता से मुंहजोरी करते हैं, उनका अनादर करते हैं, बिना वजह वाद-विवाद करते हैं, मैं ऐसे लोगों पर कृपा नहीं बरसाती।
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Friday, December 16, 2016
Wednesday, December 14, 2016
इन 5 लोगो से दूर भागती हैं धन की देवी लक्ष्मी
समुद्र-मंथन से पूर्व सभी देवता निर्धन और ऐश्वर्य विहीन हो गए थे तथा लक्ष्मी के प्रकट होने पर देवराज इंद्र ने महालक्ष्मी की स्तुति की, जिससे प्रसन्न होकर महालक्ष्मी ने देवराज इंद्र को वरदान दिया कि तुम्हारे द्वारा दिए गए द्वादशाक्षर मंत्र का जो व्यक्ति नियमित रूप से प्रतिदिन तीनों संध्याओं में भक्तिपूर्वक जप करेगा, वह कुबेर सदृश ऐश्वर्य युक्त हो जाएगा।
मंत्रः ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्मीयै ह्रीं रीं सिद्धये मम गृहे आगच्छागच्छ नमः स्वाहा।।
विष्णु पुराण में इंद्र द्वारा देवी लक्ष्मी की स्तुति की गई है। देवराज इंद्र के अनुरोध पर देवी ने कहा कि वह मनुष्यों पर कृपा करेगी लेकिन जिन लोगों के घर में यह 5 चीजें होंगी उनके घर पर मैं अधिक समय तक नहीं रहूंगी। जब देवराज इंद्र ने पूछा कि वह 5 चीजें क्या हैं तो देवी ने बताए यह नाम।
काम भावनाः जहां घर में स्त्री पुरुष काम में अधिक लिप्त रहते हैं उस घर में धर्म की उपेक्षा होती है। ऐसे घर में लक्ष्मी का वास अधिक समय तक नहीं रहता है।
मद यानि अहंकारः जिस घर में लोग अपने अहंकार में डूबे रहते हैं वहां अज्ञानता और क्रोध बढ़ता। इसलिए यहां देवी लक्ष्मी नहीं रहती हैं।
लोभः जिस घर में लोग लालची हो जाते हैं वहां भी लक्ष्मी का वास अधिक समय तक नहीं होता है। शास्त्रों में कहा गया है ‘लोभस्य पाप कारणम्’
हिंसाः जिन घरों में अधिक मांस, मछली का प्रयोग होता है उस घर में देवी लक्ष्मी नहीं ठहरती हैं।
स्त्री का अपमानः जहां स्त्री का अनादर होता है वहां लक्ष्मी नहीं ठहरती हैं।
मंत्रः ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्मीयै ह्रीं रीं सिद्धये मम गृहे आगच्छागच्छ नमः स्वाहा।।
विष्णु पुराण में इंद्र द्वारा देवी लक्ष्मी की स्तुति की गई है। देवराज इंद्र के अनुरोध पर देवी ने कहा कि वह मनुष्यों पर कृपा करेगी लेकिन जिन लोगों के घर में यह 5 चीजें होंगी उनके घर पर मैं अधिक समय तक नहीं रहूंगी। जब देवराज इंद्र ने पूछा कि वह 5 चीजें क्या हैं तो देवी ने बताए यह नाम।
काम भावनाः जहां घर में स्त्री पुरुष काम में अधिक लिप्त रहते हैं उस घर में धर्म की उपेक्षा होती है। ऐसे घर में लक्ष्मी का वास अधिक समय तक नहीं रहता है।
मद यानि अहंकारः जिस घर में लोग अपने अहंकार में डूबे रहते हैं वहां अज्ञानता और क्रोध बढ़ता। इसलिए यहां देवी लक्ष्मी नहीं रहती हैं।
लोभः जिस घर में लोग लालची हो जाते हैं वहां भी लक्ष्मी का वास अधिक समय तक नहीं होता है। शास्त्रों में कहा गया है ‘लोभस्य पाप कारणम्’
हिंसाः जिन घरों में अधिक मांस, मछली का प्रयोग होता है उस घर में देवी लक्ष्मी नहीं ठहरती हैं।
स्त्री का अपमानः जहां स्त्री का अनादर होता है वहां लक्ष्मी नहीं ठहरती हैं।
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