कांग्रेस के साथ आगे भी रहेगा गठबंधन
कांग्रेस के गठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने कहा, “कांग्रेस के साथ गठबंधन अच्छा रहा. ये गठबंधन आगे भी जारी रहेगा. हमारी साइकिल ट्यूबलेस साइकिल थी और आगे भी रहेगी. दो सीट वाली साइकिल की तरह कांग्रेस आगे भी हमारे साथ रहेगी.”
हार की जिम्मेदारी से पहले समीक्षा
हार की जिम्मेदारी किसकी ? इस सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा, ”सीएम मैं हूं, राष्ट्रीय अध्यक्ष भी मैं हूं. पहले हार की समीक्षा करूंगा फिर जिम्मेदारी की बात.”
ईवीएम पर सवाल तो जांच हो:
मायावती के ईवीएम पर सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, “‘अगर किसी पार्टी ने सवाल उठाए हैं तो सरकार को इसकी जांच करवानी चाहिए. हम भी अपने स्तर पर जो भी होगा करेंगे.”
पहली कैबनेट के फैसले का इंतजार करिए
अखिलेश ने कहा, ”पहली कैबिनेट के फैसले का इंतजार कीजिए, अगर यूपी के किसानों का कर्ज माफ हो गया तो देश के किसानों का भी कर्ज माफ हो सकता है. अगर प्रधानमंत्री जी ने कहा है तो मुझे लगता है किसानों का कर्जा जरूर माफ होगा.”
काम बोलता रहेगा
अखिलेश ने कहा, ”हम देखना चाहते हैं कि समाजवादी से अच्छा काम नई सरकार कैसे करती है. जब तक कोई हमसे अच्छा काम नहीं करेगा, हमारा काम बोलेगा.”
Assembly Election Results
यूपी में कौन आगे कौन पीछे-
रूझान-403, बीजेपी-324, सपा-कांग्रेस-55, बीएसपी- 19, अन्य-5
पंजाब में कौन आगे कौन पीछे-
रूझान-117, बीजेपी-अकाली-18, कांग्रेस- 77, आप-22 , अन्य-0
उत्तराखंड में कौन आगे कौन पीछे-
रूझान-70, बीजेपी- 57, कांग्रेस-11 , अन्य-2
गोवा में कौन आगे कौन पीछे-
रूझान-38 , बीजेपी-13 , कांग्रेस-17 , अन्य-0
मणिपुर में कौन आगे कौन पीछे-
रूझान-58, बीजेपी-23 , कांग्रेस-22, अन्य-11
Today In Varanasi
पूर्वाह्न और शाम की रिपोर्ट मिला कर आज वाराणसी में मिले 37 नये कोरोना संक्रमित मरीज
इलाज करा रहे 10 कोरोना मरीजो को स्वस्थ घोषित कर घरों के लिये डिस्चार्ज किया गया 14 नए हॉटस्पॉट बने - खोजवा बाजार हनुमान गली छित्तूपुर...
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Saturday, March 11, 2017
हार के बाद बोले अखिलेश-आगे भी जारी रहेगा गठबंधन-कभी कभी समझाने से नहीं, बहकाने से मिलता है
Tuesday, December 27, 2016
माया के खाते में 104 करोड़ जमा
नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में जमा हुए 104 करोड़ रुपए की खबर मीडिया में सु्र्खियां बटोरने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेस करके इस मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि बीएसपी ने अपने नियमों के तहत हमेशा की तरह बैंक में पैसा जमा करवाया है। ये एक रूटीन प्रक्रिया है।
मायावती ने कहा कि ये पार्टी का पैसा है, क्या इसे फेंक देती? इस मिले पैसे की एक-एक पाई का हिसाब मेरे पास है।
मायावती ने आरोप लगाया कि बीजेपी मीडिया को मैनेज करके हमारी छवि खराब करवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम दलित की बेटी से खफा है। बीजेपी नहीं चाहती कि दलित की बेटी के हाथ मास्टर चाबी आए।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि जब वो पैसा जमा हुआ तब नोटबंदी नहीं थी। उन्होंने कहा कि लोग इस बात को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी दौरान और पार्टियों ने अपना पैसा बैंकों में जमा करवाया है। उन्होंने कहा कि चंदा देने वालों ने बड़े नोट दिए और हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है।
मायावती ने कहा कि मेरे भाई ने नियम का पालन किया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पूंजीपति परेशान नहीं दिख रहे। मायावती ने कहा कि बीजेपी भी अपने चंदे का हिसाब दे। मायावती ने कहा कि मुझे खास सूत्रों से जानकारी मिल रही है बीएसपी में जो खास लोग हैं बीजेपी अपनी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके उन्हें परेशान कर सकती है।
मायावती ने कहा कि जब इलेक्शन आता है तो ये लोग ताज प्रकरण को ऐसे उछालने लगते हैं कि बसपा मुखिया ने बहुत बड़ा घोटाला किया है। उन्होंने कहा, अमित शाह को शायद ताज प्रकरण के बारे में पता नहीं। ताज प्रकरण में अगर कोई घपला हुआ है तो उसके लिए तत्कालीन भाजपा सरकार जिम्मेदार है। मायावती ने कहा कि भाजपा की इस हरकत का बसपा को फायदा होगा और 2017 में पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार बनेगी।
मायावती के भाई के खाते में मिले 1.43 करोड़
कल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में 104 करोड़ और पार्टी सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार के खाते में 1.43 करोड़ रुपये जमा होने होने का खुलासा किया था।
ये रकम यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के खातों में जमा कराई गई थी। करोलबाग स्थित बैंक ब्रांच के सर्वे के दौरान ईडी को इस बात की जानकारी मिली थी।
ईडी के अनुसार नोटबंदी के बाद इन दोनों ही खातों में बड़े पैमाने पर पुराने नोट जमा कराए गए हैं। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक बड़े जमा की गई रकम में 102 करोड़ 1000 रुपये के नोट और बाकी के पुराने 500 के नोट जमा कराए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इसके बाद भी यह सिलसिला थमा नहीं और हर दिन 15 से 17 करोड़ रुपये इस खाते में जमा कराए जाते रहे।
हर दूसरे दिन रकम जमा होने से अफसर भी हैरान रह गए। जांच एजेंसी ने बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद के उसी शाखा में एक और खाते का पता चला है। इसमें 1.43 करोड़ रुपये जमा है। इसमें 18.98 लाख रुपये नोटबंदी के बाद पुराने नोटों के रूप में जमा कराए गए। प्रवर्तन निदेशालय ने दोनों खातों का पूरा ब्योरा बैंक से मांगा है।
मायावती ने कहा कि ये पार्टी का पैसा है, क्या इसे फेंक देती? इस मिले पैसे की एक-एक पाई का हिसाब मेरे पास है।
मायावती ने आरोप लगाया कि बीजेपी मीडिया को मैनेज करके हमारी छवि खराब करवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम दलित की बेटी से खफा है। बीजेपी नहीं चाहती कि दलित की बेटी के हाथ मास्टर चाबी आए।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि जब वो पैसा जमा हुआ तब नोटबंदी नहीं थी। उन्होंने कहा कि लोग इस बात को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी दौरान और पार्टियों ने अपना पैसा बैंकों में जमा करवाया है। उन्होंने कहा कि चंदा देने वालों ने बड़े नोट दिए और हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है।
मायावती ने कहा कि मेरे भाई ने नियम का पालन किया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पूंजीपति परेशान नहीं दिख रहे। मायावती ने कहा कि बीजेपी भी अपने चंदे का हिसाब दे। मायावती ने कहा कि मुझे खास सूत्रों से जानकारी मिल रही है बीएसपी में जो खास लोग हैं बीजेपी अपनी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके उन्हें परेशान कर सकती है।
मायावती ने कहा कि जब इलेक्शन आता है तो ये लोग ताज प्रकरण को ऐसे उछालने लगते हैं कि बसपा मुखिया ने बहुत बड़ा घोटाला किया है। उन्होंने कहा, अमित शाह को शायद ताज प्रकरण के बारे में पता नहीं। ताज प्रकरण में अगर कोई घपला हुआ है तो उसके लिए तत्कालीन भाजपा सरकार जिम्मेदार है। मायावती ने कहा कि भाजपा की इस हरकत का बसपा को फायदा होगा और 2017 में पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार बनेगी।
मायावती के भाई के खाते में मिले 1.43 करोड़
कल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोटबंदी के बाद बसपा के खाते में 104 करोड़ और पार्टी सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार के खाते में 1.43 करोड़ रुपये जमा होने होने का खुलासा किया था।
ये रकम यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के खातों में जमा कराई गई थी। करोलबाग स्थित बैंक ब्रांच के सर्वे के दौरान ईडी को इस बात की जानकारी मिली थी।
ईडी के अनुसार नोटबंदी के बाद इन दोनों ही खातों में बड़े पैमाने पर पुराने नोट जमा कराए गए हैं। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक बड़े जमा की गई रकम में 102 करोड़ 1000 रुपये के नोट और बाकी के पुराने 500 के नोट जमा कराए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इसके बाद भी यह सिलसिला थमा नहीं और हर दिन 15 से 17 करोड़ रुपये इस खाते में जमा कराए जाते रहे।
हर दूसरे दिन रकम जमा होने से अफसर भी हैरान रह गए। जांच एजेंसी ने बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद के उसी शाखा में एक और खाते का पता चला है। इसमें 1.43 करोड़ रुपये जमा है। इसमें 18.98 लाख रुपये नोटबंदी के बाद पुराने नोटों के रूप में जमा कराए गए। प्रवर्तन निदेशालय ने दोनों खातों का पूरा ब्योरा बैंक से मांगा है।
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