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Friday, December 23, 2016

दो लाख से ऊपर के हर लेनदेन पर आयकर विभाग को देनी होगी जानकारी

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) का कहना है कि नियम 114 ई के उप-नियम के तहत एग्रीगेशन के नियम को बोर्ड की 6 अक्तूबर, 2016 की अधिसूचना के जरिये संशोधित किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय लेन-देन का लेखा-जोखा (एसएफटी) के तहत दो लाख रुपये से ऊपर की नकद लेन-देन की रिपोर्टिंग जरूरी है।

आयकर अधिनियम, 1962 के नियम 114 ई के तहत वित्तीय लेन-देन का लेखा-जोखा देने का नियम 1 अप्रैल, 2016 को अस्तित्व में आया था। इसके तहत वस्तुओं या सेवाओं की बिक्री पर दो लाख रुपये से अधिक की नकद प्राप्तियों का ब्यौरा देने का प्रावधान है।


सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वस्तु एवं सेवाओं की बिक्री पर 2 लाख रुपये से ज्यादा के एक बार में नकद लेन-देन की जानकारी आयकर विभाग को अनिवार्य रूप से देनी होगी। इसके लिए आयकर नियमों में यथोचित संशोधन कर दिया गया है।


केन्द्रीय वित्त मंत्रालय से शुक्रवार को यहां जारी एक बयान के मुताबिक आयकर अधिनियम, 1962 के तहत नियम 114 ई के दिशा-निर्देशों पर आयकर विभाग का स्पष्टीकरण जारी हो गया है। यह नियम इसी साल अप्रैल से लागू हुआ है। ऐसा स्पष्टीकरण इसलिए जारी करना पड़ा क्योंकि कुछ मामलों में दो लाख रुपये तक के कुल नकद लेन-देन को लेकर संदेह जताया जा रहा था।


Wednesday, December 14, 2016

नोटबंदी के बाद बड़ा धमाका, पीएम मोदी ने ‘बंद’ कराए डालर

पीएम मोदी द्वारा किए नोटबंदी के फैसले के बाद जहां विपक्ष ने पूरे देश में घूम-घूम कर इसके नकारात्‍मक परिणामों को प्रचारित कर रहा है। वहीं वेनेजुएला के बाद ऑस्‍ट्रेलिया भी भारत की नोटबंदी के पक्ष में ऐसा उतरा कि देश में डालर ही बंद कर दिया।

भारत की देखा देखी ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने अपने यहां के सबसे बड़े नोट यानी 100 डॉलर के नोट को बंद करने का फैसला ले लिया है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार के मुताबिक, यह फैसला कालेधन की रोकथाम के लिए लिया गया है।
ऑस्ट्रेलिया के राजस्व और वित्तीय सेवा के मंत्री केली ओ डवेयर ने एक रेडियो से बातचीत करते हुए कहा, ‘हम लोग कालेधन को खत्म करने के लिए अपनी तरफ से हरसंभव कोशिस करेंगे।’ ऑस्ट्रेलिया में 100 डॉलर के 300 मिलियन नोट चलन में हैं। वहां की करेंसी का 92 प्रतिशत हिस्सा 50 और 100 डॉलर के रूप में मौजूद है।
मंत्री के मुताबिक, ऑस्‍ट्रेलिया में भी ज्यादा पेमेंट कैश के रूप में ही हो रहा है और उनकी जीडीपी में कालेधन का प्रतिशत 1.5 है। पिछले हफ्ते वेनेजुएला ने भी नोटबंदी का ऐलान किया था। उन्होंने धन छिपाकर रखने वालों को मजा चखाने के लिए 100-bolivar को बंद कर दिया था। वेनेजुएला इस वक्त 700 प्रतिशत मुद्रास्फिति से जूझ रहा है।
मोदी सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला लिया था। ऐलान किया गया था कि 500 और 1000 रुपए के नोट चलने बंद हो जाएंगे और 2000 और 500 के नए नोट चलाए जाएंगे। तब से लोग अपने कालेधन को सफेद करने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। जिनमें से ज्यादातर को पकड़े जा रहे हैं।
भारत में 500-1000 रुपए के नोट बंद होने से 15.44 लाख करोड़ रुपए की करेंसी बंद हो गई थी। जो कि सर्कुलेशन में मौजूद कुल रुपयों का 86 प्रतिशत थी। जिसमें से 12.44 लाख करोड़ रुपए विभिन्न बैंकों में जमा करवाए जा चुके हैं। (यह आंकड़े 10 दिसंबर तक के हैं) यानी अब 3 लाख करोड़ रुपए आने बाकी हैं।

Tuesday, December 13, 2016

नोटबंदी के बाद पीएम मोदी का सबसे बड़ा ऐलान, खुशी से झूम उठेंगे आप



8 नवंबर को लागू किए गए नोटबंदी के फैसले के बाद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। इन्‍हीं कदमों में से एक है इन्‍सेन्टिव स्‍कीम के जरिए डिजिटल पेमेंट को प्रोत्‍साहित करना।
इस प्रस्‍तावित स्‍कीम के तहत लोगों को कई तरह के पुरस्‍कार दिए जाएंगे। हर हफ्ते जहां लकी ड्रॉ निकाला जाएगा वहीं हर तीन महीने पर यूजर्स को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा।
नीति आयोग ने शनिवार को इस प्रस्‍तावित स्‍कीम से जुड़ी बातों की जानकारी दी। आयोग ने कहा कि उसने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) से अनुरोध किया है कि वह डिजिटल पेमेंट को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना जल्‍द लागू करें। बता दें कि NPCI एक गैर-लाभकारी कंपनी है जो भारत को कैशलेस समाज की ओर ले जाने के लिए प्रयासरत है।
इस प्रस्‍तावित इन्‍सेन्टिव स्‍कीम की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
– जो भी ग्राहक और विक्रेता डिजिटल पेमेंट करते हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
– इस स्‍कीम के तहत दो स्‍तर पर इन्‍सेन्टिव की रकम मिलेगी। पहला, हर हफ्ते भाग्यशाली विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए जाने के लिए लकी ड्रॉ निकाला जाएगा। ऐसा उस हफ्ते जेनरेट हुए ट्रांजैक्‍शन आईडी के जरिए किया जाएगा। दूसरा, हर तीन महीने में उपभोक्ताओं में से कुछ को एक ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा।
– योजना में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि गरीबों, लोअर मिडल क्‍लास और छोटे व्‍यापारियों को प्राथमिकता मिले।

– इस योजना में निम्‍न प्रकार के डिजिटल पेमेंट मान्‍य होंगे- USSD, AEPS,UPI और RuPay Card
– विक्रेताओं के लिए उनके द्वारा स्थापित POS मशीन पर किए गए ट्रांजैक्‍शन इस योजना के लिए मान्‍य होंगे।
– योजना की रूपरेखा जल्‍द ही पेश की जाएगी। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 8 नवंबर के बाद जितने लोगों ने डिजिटल पेमेंट प्रणाली का इस्‍तेमाल किया है, वे इस योजना का फायदा उठाने के हकदार होगें।
– वर्तमान में दो प्रकार के सुझाव चल रहे हैं। वे यह हैं कि इन्‍सेन्टिव स्‍कीम 6 महीने के लिए चलाई जाए या फिर एक साल के लिए।
– इस योजना के तहत राज्य सरकारों, उनके उपक्रमों, जिलों, महानगर निगमों एवं पंचायतों में जहां भी कैशलेस ट्रांजैक्‍शन को प्रोत्साहित करने के लिए काम किया गया है, उन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।