Today In Varanasi

पूर्वाह्न और शाम की रिपोर्ट मिला कर आज वाराणसी में मिले 37 नये कोरोना संक्रमित मरीज

इलाज करा रहे 10 कोरोना मरीजो को स्वस्थ घोषित कर घरों के लिये डिस्चार्ज किया गया 14 नए हॉटस्पॉट बने - खोजवा बाजार हनुमान गली छित्तूपुर...

Thursday, July 9, 2020

बड़ी खबर : शुक्रवार की सुबह वाराणसी में मिले 18 नए कोरोना पॉज़िटिव मरीज़

वाराणसी। जिला प्रशासन की ओर से जारी शुक्रवार सुबह 11 बजे तक नये  18 कोरोना  पॉजिटिव मरीज सामने आये हैं। 

शुक्रवार 11 बजे दिन तक बीएचयू लैब से 58 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसमें से 18 व्यक्ति कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं। इसी के साथ वाराणसी जनपद में पॉज़िटिव केसों की संख्या 741 पहुँच गयी है। इस समय जनपद में 293 एक्टिव केस हैं। गुरुवार देर रात एक मरीज़ की मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद वाराणसी में मौत का आंकड़ा 26 पहुँच गया है।




अभी तक वाराणसी जनपद में 14809 सैम्पल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं, जिसमे से 13230 की रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें से 741 पॉज़िटिव और 12489 रिपोर्ट निगेटिव है। अभी तक 422 मरीज़ स्वास्थ्य होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। फिलहाल 1579 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

कोरोना के कारण पुरातन धार्मिक परंपराओं पर भी ग्रहण, निभाई जाएगी परंपरा, नहीं निकलेगी काशी विश्वनाथ की शोभायात्रा

कोरोना संक्रमण के कारण काशी की कई परंपराएं प्रभावित हुई हैं। इसी क्रम में सावन में निकलने वाली जलाभिषेक यात्राओं की परंपरा भी शामिल हैं। सावन में शहर के कई संगठनों द्वारा बाबा का जलाभिषेक किया जाता है। कोरोना संक्रमण के कारण जलाभिषेक यात्राओं को निरस्त कर दिया गया है।
श्री बाबा काशी विश्वनाथ भक्त सेवा समिति की ओर से सावन के अंतिम सोमवार को बाबा का जलाभिषेक करने की परंपरा पिछले 21 सालों से चली आ रही है। कांवरिया भक्तों की सेवा करने के बाद समिति के पदाधिकारी शोभायात्रा निकालकर बाबा का जलाभिषेक करते थे।

कोरोना संक्रमण के कारण समिति ने शोभायात्रा निरस्त कर दी है। वहीं पदाधिकारियों ने केवल परंपरा निर्वहन करने का निर्णय लिया है। कोरोना संक्रमण के कारण केवल पांच लोग बाबा का जलाभिषेक कर परंपरा निभाएंगे।
सावन के अंतिम रविवार को विशेष जलाभिषेक
मंडल शिवपुर कमेटी के बैनर तले शिवपुर निवासी 2002 से जलाभिषेक करते आ रहे हैं। संस्था ने भी शोभायात्रा निरस्त कर दी है और केवल पांच लोग ही जलाभिषेक के लिए जाएंगे। संस्था के बैनर तले रामलीला मैदान स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण से सावन के आखिरी रविवार को बाबा विश्वनाथ की कलश यात्रा आरंभ होती है और जलाभिषेक होता है।

बनारस में दो दिन और तीन रातें टोटल लॉकडाउन, आवश्यक सेवाओं को छोड़ सब बंद रहेगा

कोरोना और अन्य संचारी रोगों को देखते हुए बनारस में अगले दो दिन और तीन रातें टोटल लॉकडाउन रहेगा। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने गुरुवार की रात इस बारे में दिशा निर्देश जारी कर दिये। 10 जुलाई यानी शुक्रवार की रात दस बजे से प्रतिबंध शुरू होगा और 13 जुलाई यानी सोमवार की सुबह पांच बजे तक जारी रहेगा।
इस दौरान सभी कार्यालय, सभी शहरी व ग्रामीण हाट, बाजार, गल्ला मण्डी, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। केवल आवश्यक सेवाएं जैसे स्वास्थ्य एवं चिकित्सकीय सेवाएं, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पहले की तरह होगी और इनकी दुकानें ही खुलेंगी। इन सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों, कोरोना वाॅरियर, स्वच्छता-कर्मी और डोर स्टेप डिलीवरी से जुड़े व्यक्तियों के आने-जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
ट्रेनों का संचालन होता रहेगा। ट्रेन से आने वाले यात्रियों के लिए बसों की व्यवस्था परिवहन निगम करेगा। इन बसों को छोड़कर परिवहन निगम की सेवाओं का प्रदेश के अन्दर भी संचालन बंद रहेगा। हवाई सेवाएं भी जारी रहेंगी। हवाई अड्डों से अपने घर तक जाने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा। माल वाहक वाहनों के आवागमन पर कोई प्रतिबन्ध नहीं रहेगा। 
राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर परिवहन जारी रहेगा और इनके किनारे स्थित पेट्रोल पम्प एवं ढाबे खुले रहेंगे। तीनों दिन 10, 11 और 12 जुलाई को सफाई एवं स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति हेतु वृहद अभियान चलाया जाएगा। इनसे जुड़े अधिकारी और कर्मचारी प्रतिबन्धों से मुक्त रहेंगे और इनसे सम्बन्धित कार्यालय भी खुले रहेंगे।


स्वास्थ्य विभाग के कोविड-19 संचारी रोग सर्विलांस टीम के माध्यम से हर घर में मेडिकल स्क्रीनिंग और सर्विलांस का अभियान चलाया जा रहा है, यह चलता रहेगा। इन कार्यों में लगे हुए समस्त कोरोना वाॅरियर, अधिकारी/कर्मचारियों को उनके पहचान पत्र के आधार पर आने-जाने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा। प्रतिबन्ध अवधि में ग्रामीण क्षेत्र में स्थित औद्योगिक कारखाने खुले रहेंगे। इन कारखानों में सोशल डिस्टेन्सिंग एवं अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रतिबन्धों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में चालू रहने वाले औद्योगिक कारखानों को छोड़कर शेष बन्द रहेंगे।

आवश्यक सेवाओं से सम्बन्धित कार्यालय और इन प्रतिबन्धों से मुक्त सेवाओं से सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारियों का पहचान पत्र ही ड्यूटी पास माना जाएगा। उनकी आवाजाही को रोका नहीं जाएगा। इस अवधि में सभी निर्माण कार्य जैसे एक्सप्रेस-वे, बड़े पुल एवं सड़कें, लोक निर्माण विभाग के बड़े निर्माण, सरकारी भवन तथा निजी प्रोजेक्ट जारी रहेंगे।
प्रत्येक सार्वजनिक स्थल अस्पताल, मेडिकल काॅलेज, औद्योगिक प्रतिष्ठान, चैराहों आदि पर जिला प्रशासन व पुलिस एवं नगर निकायों द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से कोविड-19 और संचारी रोगों से बचाव के सम्बन्ध में व्यापक रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों इस दौरान चक्रमण करते रहेंगे। पुलिस टीमों और यूपी 112 की पेट्रोलिंग होगी और व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। नोडल अधिकारी पर्यवेक्षण करेंगे।

Sunday, June 3, 2018

मनचाही दुल्हन चाहिए तो रोज करें. हर मनोकामना पूरी हो सकती है।

धर्म ग्रंथों के अनुसार, देवी दुर्गा की पूजा करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। लेकिन दुर्गासप्तशती का स्थान महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति विधि-विधान से दुर्गासप्तशती का पाठ करता है, उसके बुरे दिन दूर हो जाते हैं और हर मनोकामना पूरी हो सकती है।

दुर्गासप्तशती में ऐसे अनेक मंत्र हैं, जिनका जाप करने से आपकी मनोकामना पूरी हो सकती है। अगर आप सुंदर और सुशील पत्नी चाहते हैं तो इसके लिए भी दुर्गासप्तशती में 1 मंत्र बताया गया है। रोज इस मंत्र का जाप करने से आपकी ये इच्छा पूरी हो सकती है। ये मंत्र और इसके जाप की विधि इस प्रकार है...

मंत्र
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्।


तारिणींदुर्गसं सारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥



अर्थ- हे देवी, मुझे मन की इच्छा के अनुसार चलने वाली मनोहर पत्‍‌नी प्रदान करो, जो दुर्गम संसार सागर से तारने वाली तथा उत्तम कुल में उत्पन्न हुई हो।



  1. सुबह जल्दी नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर देवी दुर्गा की पूजा करें।

  2. देवी दुर्गा की मूर्ति या चित्र के सामने आसन लगाकर रुद्राक्ष की माला लेकर इस मंत्र का जाप करें। प्रतिदिन पांच माला जाप करने से आपकी इच्छा पूरी हो सकती है।

  3. आसन कुश का हो तो अच्छा रहता है।

  4. रोज एक ही समय पर, एक ही आसन पर बैठकर और एक ही माला से मंत्र जाप किया जाए तो यह मंत्र जल्दी ही सिद्ध हो सकता है।

Friday, March 30, 2018

हनुमान जयंती 2018 :Details About Timings For Puja, 'Muhurat' Here

अष्टसिद्धि और नौ निधियों के प्रदाता हनुमान जी का जन्मोत्सव शनिवार को है। नौ साल बाद शनिवार के दिन हनुमान जयंती पड़ रही है। इसके साथ ही ज्योतिषी हिसाब से कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। काफी समय बाद मार्च के माह में ही हनुमान जयंती पड़ रही है। चूंकि इस नवसंवत्सर के राजा सूर्य और मंत्री शनि हैं, इसलिए भी हनुमान जयंती खास है। ग्रहों की पीड़ा शांत करने का विशेष अवसर है।

प्रात: 4 बजे हुआ था हनुमान जी का जन्म

हनुमान जयंती- चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त यानी प्रात: 4 बजे अंजनी के गर्भ से हनुमान जी का जन्म हुआ था। इनके पिता हैं वानरराज केसरी। इसलिए, इनको केसरीनंदन भी कहते हैं। रामभक्त के रूप में हनुमानजी को तो सभी जानते हैं। लेकिन उनकी अन्य भी विशेषताएं हैं।  वह समस्त वेदों के ज्ञाता, नाना पुराण आख्याता, ज्योतिषी, संगीतज्ञ, वानरराज, यंत्र-मंत्र और तँत्र के सिद्धहस्त होने के साथ-साथ संकटमोचन भी हैं। अकेले उनको ही यह वरदान प्राप्त है कि वह समस्त संकट हर सकते हैं। सर्व कार्य सिद्ध कर सकते हैं। वह सूर्य के शिष्य हैं। सूर्य भगवान का जप-तप-ध्यान करने से ही उनको असाधारण सिद्धियां और निधियां प्राप्त हुईं। अणिमा,( आकार बढ़ा सकते हैं) लघिमा ( आकार छोटा कर सकते हैं) गरिमा ( भारी कर सकते हैं), प्राप्ति ( कुछ भी प्राप्त कर सकते हैं), प्राकाम्य ( सर्व प्रदाता), महिमा( यश-कीर्ति), ईशित्व (ईशरत्व) और  वशित्व( वशीकरण)  का अधिकार केवल हनुमानजी को ही प्राप्त है। तभी उनको कहा गया-अष्ट सिद्धि-नौ निधियों के दाता।

शनि महाराज से भले ही सब कांपते हों लेकिन शनि हनुमान जी से डरते हैं। शनि महाराज को अपनी पूंछ में बांधकर हनुमान जी ने उनको रामसेतू की परिक्रमा करा दी थी। शनि घायल हो गए थे।  अपनी पीड़ा को शांत करने के लिए शनि महाराज ने अपने शरीर पर सरसो का तेल लगाया था। इसलिए, शनि महाराज को सरसो का तेल चढ़ाया जाता है। हनुमान जी ने उनको इस शर्त परछोड़ा कि तुम मेरे भक्तों को कष्ट नहीं दोगे। इस बार शनिवार को हनुमान जयंती होने से शनि शांति का अवसर मिल रहा है।

 

पूर्णिमा तिथि शुरू: 30 मार्च 2018 शाम 7 बजकर 35 मिनट 30 सेकेंड से 31 मार्च 2018 शाम 6 बजकर 6 मिनट 40 सेकेंड तक रहेगी। शुभ मुहूर्त प्रातः 9:20 से 1:30 तक तथा सांय 3:00 से 6 बजे तक रहेगा। ग्रहों की शांति के लिए सायंकाल का पूजन श्रेष्ठ रहेगा। हनुमान जी की गुरु के रूप में पूजा का समय 9.20 से है।

कैसे करें पूजा
-हनुमान जी को चोला चढ़ाएं ( चोले में  16आइटम होते हैं- चोला या वस्त्र, धूप, दीप, अगरबत्ती, पान, नारियल, पंच मेवा, सिंदूर, चमेली का तेल, चांदी के बर्क, बेसन के लड्डू या बूंदी, जनेऊ, पांच सुपारी, लोंग, फूलमाला और फल)
-शनि शांति के लिए सरसो के तेल का दीपक जलाएं। सिंदूर चढ़ाएं
-पीपल के 108 पत्तों पर रामनाम लिखकर हनुमानजी को अर्पित करें। इससे पितृदोष निवारण होगा।
-कार्य सिद्धि के लिए ऊं श्री हनुमते नम:  या ऊं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट का 108 बार जाप करें
- सर्व कार्य सिद्धि के लिए 11 या 21 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें
-समस्त ग्रह पीड़ा शांति के लिए ऊं ह्रां ह्रीं ह्रूं सर्वदुष्ट ग्रह निवारणाय स्वाहा का जाप करें
-शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। संपूर्ण न कर सकें तो केवल मंगलाचरण ही कर लें। सुंदरकांड की पांचवीं चौपाई पढ़ें।
-समस्त प्रकार की रक्षा के लिए हनुमान कवच का पाठ करें
-व्याधियों से मुक्ति के लिए हनुमान बाहुक और अन्य संकट निवारण के लिए तीन बार बजरंगबाण पढ़ें