जावेद अंसारी
इधर बीजेपी के बड़े नेता और पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर अरुण जेटली पर निशाना साधा, उधर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बयानों और टिप्पणियों की इस ‘खींचतान’ पर तंज कस दिया है. यशंवत सिन्हा के इस बाबत लिखे गए एक आर्टिकल को एक अंग्रेजी अखबार ने ट्वीट किया, जिसे राहुल गांधी ने रीट्वीट किया. उन्होंने री-ट्वीट करते हुए लिखा- लेडीज एंड जेंटलमेन, यह आपके को-पायलट और फाइनेंस मिनिस्टर बोल रहे हैं. कृपया अपनी सीटबेल्ट बांध लें और सिकुड़कर बैठ जाएं. हमारे जहाज के पंख गिर चुके हैं.
बता दें कि लगातार गिरती जीडीपी और चरमरा रही अर्थव्यवस्था के कारण यशवंत सिन्हा ने गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर अरुण जेटली पर निशाना साधा है. अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में यशवंत सिन्हा ने कहा कि अरुण जेटली अभी तक इस सरकार में सबसे बड़ा चेहरा रहे हैं. कैबिनेट में नाम तय होने से पहले ही उनका नाम तय था कि जेटली वित्त मंत्रालय संभालेंगे. लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाया.
सिन्हा ने कहा कि इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में जसवंत सिंह और प्रमोद महाजन भी वाजपेयी के करीबी थे, लेकिन इसके बाद भी उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था. लेकिन जेटली को वित्त मंत्रालय के साथ ही रक्षा मंत्रालय भी मिला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का दावा है कि उन्होंने गरीबी को काफी नज़दीक से देखा है… उनके वित्तमंत्री इस बात को सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरत से ज़्यादा मेहनत कर रहे हैं कि सभी भारतीय भी उसे (गरीबी को) उतना ही नज़दीक से देख सकें.
हालांकि यशवंत सिन्हा के बयान पर बीजेपी ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन बीजेपी सूत्रों के मुताबिक- यशवंत सिन्हा के लेख में अर्थव्यवस्था को लेकर कई दावे गलत हैं. मोदी सरकार को खस्ता हाल अर्थव्यवस्था मिली थी, जिसे पटरी पर लाया गया. पिछले तीन साल में अर्थव्यवस्था की हालत सुधरी है. एक तिमाही में जीडीपी कम होने से पूरी अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाना गलत है.
Reported By : PNN24
Today In Varanasi
पूर्वाह्न और शाम की रिपोर्ट मिला कर आज वाराणसी में मिले 37 नये कोरोना संक्रमित मरीज
इलाज करा रहे 10 कोरोना मरीजो को स्वस्थ घोषित कर घरों के लिये डिस्चार्ज किया गया 14 नए हॉटस्पॉट बने - खोजवा बाजार हनुमान गली छित्तूपुर...
Wednesday, September 27, 2017
Monday, September 25, 2017
BHU में छात्राओं पर लाठीचार्ज, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ का भाजपा वाला रूप है : राहुल गाँधी
जावेद अंसारी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की छात्राओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के लिए भाजपा की निंदा की। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का भाजपा वाला रूप है। बीएचयू परिसर में कल रात छेड़छाड़ की कथित घटना के विरोध में आयोजित प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया था जब पुलिस ने छात्राओं पर लाठीचार्ज किया। इससें महिलाओं सहित कई छात्र और दो पत्रकार घायल हुए। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ट्वीट किया, बीएचयू में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का भाजपा वाला रूप। उन्होंने इस ट्वीट के साथ वह वीडियो लिंक शेयर किया जिसमें छात्राओं ने परिसर में पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें कथित रूप से पीटे जाने का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत उस घटना के बाद हुई जब कला संकाय की एक छात्रा अपने हॉस्टल लौट रही थी। उसी वक्त मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने कथित तौर पर उसका उत्पीड़न किया।
इस बीच छात्राओं के प्रति समर्थन जताने वाराणसी पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया को पुलिस ने शहर में प्रवेश करते ही हिरासत में ले लिया। शनिवार के पुलिस लाठीचार्ज, गोलीबारी, पथराव और आगजनी के बाद रविवार सुबह भी बीएचयू के बाहर अशांति का माहौल रहा। सिंह द्वार पर छात्राओं का धरना जारी रहा। छात्राओं के समर्थन में बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष और वाराणसी के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा भी धरने में शामिल हुए। छात्रों के गुस्से को देखते हुए वाराणसी के सभी डिग्री कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए हैं। वाराणसी के कमिश्नर से इस मामले की रिपोर्ट देने को कहा गया है। बीएचयू में शनिवार देर रात पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर जमकर लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ स्टूडेंट्स घायल भी हुए हैं।
Reported By PNN24
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की छात्राओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के लिए भाजपा की निंदा की। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का भाजपा वाला रूप है। बीएचयू परिसर में कल रात छेड़छाड़ की कथित घटना के विरोध में आयोजित प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया था जब पुलिस ने छात्राओं पर लाठीचार्ज किया। इससें महिलाओं सहित कई छात्र और दो पत्रकार घायल हुए। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ट्वीट किया, बीएचयू में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का भाजपा वाला रूप। उन्होंने इस ट्वीट के साथ वह वीडियो लिंक शेयर किया जिसमें छात्राओं ने परिसर में पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें कथित रूप से पीटे जाने का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत उस घटना के बाद हुई जब कला संकाय की एक छात्रा अपने हॉस्टल लौट रही थी। उसी वक्त मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने कथित तौर पर उसका उत्पीड़न किया।
इस बीच छात्राओं के प्रति समर्थन जताने वाराणसी पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया को पुलिस ने शहर में प्रवेश करते ही हिरासत में ले लिया। शनिवार के पुलिस लाठीचार्ज, गोलीबारी, पथराव और आगजनी के बाद रविवार सुबह भी बीएचयू के बाहर अशांति का माहौल रहा। सिंह द्वार पर छात्राओं का धरना जारी रहा। छात्राओं के समर्थन में बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष और वाराणसी के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा भी धरने में शामिल हुए। छात्रों के गुस्से को देखते हुए वाराणसी के सभी डिग्री कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए हैं। वाराणसी के कमिश्नर से इस मामले की रिपोर्ट देने को कहा गया है। बीएचयू में शनिवार देर रात पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर जमकर लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ स्टूडेंट्स घायल भी हुए हैं।
Reported By PNN24
Sunday, September 24, 2017
सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच निकलेगी लाटभैरव की नक्कटैया
अनुपम राज/ ताबिश अली
वाराणसी.आश्विन शुक्ल पंचमी तद्नुसार सोमवार को काशी के प्रख्यात मेले में शुमार लाटभैरव की नक्कटैया कड़ी सुरक्षा के बीच निकलेगी। रामलीला समिति के प्रधानमंत्री एडवोकेट कन्हैया लाल यादव ने बताया नक्कटैया शोभायात्रा में इस बार नाग नथैया, कृष्ण-सुदामा मिलन, भामा रूकमणी, दुर्योध्न वध, सम्भासुर वध, शंकर-पार्वती नृत्य के अलावा मँहगाई व भ्रष्टाचार समेत ज्वलंत मुद्दों पर प्रहार करते सौ से अधिक लाग विमान निकलेंगे। इनका काफिला विश्वेश्वरगंज से रात 11 बजे निकलेगा। नक्कटैया जुलूस कतुआपुरा, अंबियामंडी, गोस्वामी तुलसीदास मार्ग होते हुए लाटभैरव सरैया पर समापन किया जाएगा जहां खरदूषण युद्ध वध व सीता हरण लीला का जीवंत मंचन होगा। रामलीला समिति के व्यास पंडित दयाशंकर त्रिपाठी ने बताया नक्कटैया की शोभायात्रा कई संवेदनशील क्षेत्रों से होकर गुजरता है, बीते कई वर्ष पहले प्रशासन के निष्क्रियता के चलते दो संप्रदायों में कई बार झड़प भी हो चुकी है जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखें। इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी आदमपुर अजीत मिश्रा स्वयं लगातार पैदल गश्त कई दिनों से क्षेत्र में कर रहे है और क्षेत्र के दोनों सम्प्रदायों के संभ्रांत लोगो से बैठक कर यात्रा को सकुशल सम्पन्न करवाने के लिये प्रतिबद्ध है. मेले अथवा यात्रा में किसी प्रकार का कोई व्यवधान उत्पन्न न हो इसके लिये पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध है. बीती रात भी थाना प्रभारी थाना आदमपुर ने लाट भैरव स्वयं जाकर मौके का जायजा लिया और दोनों वर्गो के सम्भांत नागरिको के संग एक बैठक किया.
Reported By : PNN24
वाराणसी.आश्विन शुक्ल पंचमी तद्नुसार सोमवार को काशी के प्रख्यात मेले में शुमार लाटभैरव की नक्कटैया कड़ी सुरक्षा के बीच निकलेगी। रामलीला समिति के प्रधानमंत्री एडवोकेट कन्हैया लाल यादव ने बताया नक्कटैया शोभायात्रा में इस बार नाग नथैया, कृष्ण-सुदामा मिलन, भामा रूकमणी, दुर्योध्न वध, सम्भासुर वध, शंकर-पार्वती नृत्य के अलावा मँहगाई व भ्रष्टाचार समेत ज्वलंत मुद्दों पर प्रहार करते सौ से अधिक लाग विमान निकलेंगे। इनका काफिला विश्वेश्वरगंज से रात 11 बजे निकलेगा। नक्कटैया जुलूस कतुआपुरा, अंबियामंडी, गोस्वामी तुलसीदास मार्ग होते हुए लाटभैरव सरैया पर समापन किया जाएगा जहां खरदूषण युद्ध वध व सीता हरण लीला का जीवंत मंचन होगा। रामलीला समिति के व्यास पंडित दयाशंकर त्रिपाठी ने बताया नक्कटैया की शोभायात्रा कई संवेदनशील क्षेत्रों से होकर गुजरता है, बीते कई वर्ष पहले प्रशासन के निष्क्रियता के चलते दो संप्रदायों में कई बार झड़प भी हो चुकी है जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखें। इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी आदमपुर अजीत मिश्रा स्वयं लगातार पैदल गश्त कई दिनों से क्षेत्र में कर रहे है और क्षेत्र के दोनों सम्प्रदायों के संभ्रांत लोगो से बैठक कर यात्रा को सकुशल सम्पन्न करवाने के लिये प्रतिबद्ध है. मेले अथवा यात्रा में किसी प्रकार का कोई व्यवधान उत्पन्न न हो इसके लिये पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध है. बीती रात भी थाना प्रभारी थाना आदमपुर ने लाट भैरव स्वयं जाकर मौके का जायजा लिया और दोनों वर्गो के सम्भांत नागरिको के संग एक बैठक किया.
Reported By : PNN24
Saturday, September 23, 2017
BHU छात्रों पर लाठीचार्ज, छावनी में तब्दील हुआ BHU कैंपस, 2 अक्टूबर तक छुट्टी की घोषणा
छात्रा के साथ छेड़खानी के विरोध में दो दिन से चल रहे धरना-प्रदर्शन के बाद शनिवार की देर रात बीएचयू परिसर सुलग उठा। रात 10 बजे वीसी आवास पर प्रदर्शन करने पहुंचे छात्रों पर सुरक्षा गार्डों और पुलिस ने लंका गेट, महिला महाविद्यालय के सामने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें आधा दर्जन छात्रों को चोटें आईं।इसके बाद छात्रों का गुस्सा बेकाबू हो गया। लाठीचार्ज के जवाब में छात्रों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे कुछ सुरक्षा गार्ड भी घायल हो गए। रात 12.15 बजे हॉस्टल से ताबड़तोड़ 8 पेट्रोल बम फेंके गए। हॉस्पिटल में घुसकर पथराव किया, इससे मरीजों-तीमारदारों में भगदड़ मच गई। लंका चौराहे पर पुलिस कर्मियों को छात्रों ने दौड़ाया।
बाहर खड़ी मोटरसाइकिलों को आग लगा दी, पुलिस बूथ उखाड़ दिया। 23 थानों की फोर्स, एक दर्जन वज्र वाहन और 5 कंपनी पीएसी परिसर में बुला ली गई। पूरी घटना में बीएचयू प्रशासन की घोर लापरवाही मानी जा रही है। उधर, तनाव को देखते हुए 25 सितंबर के बजाए तीन दिन पहले से ही विश्वविद्यालय में 2 अक्तूबर तक के लिए छुट्टी की घोषणा कर दी गई।
घटना की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागे और और 18 राउंड हवाई फायरिंग भी की। छात्रों के उपद्रव के दौरान डीएम योगेश्वर राम मिश्र, एसओ लोहता समेत तीन पुलिसकर्मी, बीएचयू के तीन सुरक्षागार्ड, सात छात्र और कुछ पत्रकार घायल हो गए। गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। बीएफए की छात्रा के साथ बाइक सवार दो युवकों द्वारा छेड़खानी के विरोध में मुकम्मल सुरक्षा की मांग को लेकर शुक्रवार की सुबह शुरू हुआ छात्राओं का आंदोलन शनिवार की देर रात तक जारी रहा था। छात्राओं के आक्रोश पर विश्वविद्यालय प्रशासन काबू नहीं कर सका।
Photos Credit facebook BhuBuzz
मोदी की मौजूदगी में दुर्गा बनीं छात्राएं बता रही हैं रोमियो स्क्वाड की हकीकत
वाराणसी : वाराणसी प्रशासन की मुश्किल छात्राओं के सड़क पर उतरने की वजह नहीं, बल्कि उसका पीएम रूट पर होना रहा. जिस रोड से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देवी दर्शन के लिए मंदिर जाना था - बीएचयू की छात्राएं उसी रास्ते में दुर्गा बन कर डट गयीं.छात्राओं का आरोप है कि उनके साथ कैंपस में आये दिन छेड़खानी हो रही है - और कोई उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहा, लिहाजा उन्हें आजिज होकर ऐसा करना पड़ रहा है.
छात्राओं से छेड़खानी
बड़े शर्म की बात है कि बीएचयू कैंपस में भी छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं. उससे भी ज्यादा शर्म की बात उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जाना है - और सबसे बड़े शर्म की बात बीएचयू के सुरक्षा अधिकारी का रिस्पॉन्स है. छात्राओं का आरोप है कि 21 सितंबर की रात भारत कला भवन के पास बाइक सवार तीन लड़कों ने ऑर्ट्स फैकल्टी की एक छात्रा के साथ छेड़खानी की. छात्राओं का कहना है कि जिस जगह ये घटना हुई उससे कुछ ही दूरी पर बीएचयू के सुरक्षाकर्मी खड़े थे - और शोर मचाने पर भी सुरक्षाकर्मियों ने कोई मदद नहीं की. पीड़ित लड़की जैसे तैसे भाग कर हॉस्टल पहुंची और वॉर्डन से शिकायत की. फिर यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर को सूचना दी गयी - लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. उल्टे, जैसा कि छात्राओं का आरोप है, उनसे कहा गया, "पीएम का दौरा है. अभी आप सभी लोग शांत रहिए." स्थानीय मीडिया के अनुसार त्रिवेणी हॉस्टल के सामने हुई छेड़खानी की घटना की जब छात्राओं ने चीफ प्रॉक्टर से शिकायत की तो पहले तो उन्होंने खूब डांट फटकार लगायी, फिर सवाल किया कि छह बजे के बाद वे हॉस्टल से बाहर घूम ही क्यों रही थीं?
आरोपों के घेरे में प्रॉक्टोरियल बोर्ड
लंका पर बीएचयू के गेट के पास धरना दे रही छात्राओं ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड के लोगों पर जो आरोप लगाये हैं वे तो और भी गंभीर है. प्रॉक्टोरियल बोर्ड ही परिसर में सुरक्षा के इंतजाम देखता है और जगह जगह उसके सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. छात्र-छात्राओं के सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं सुरक्षाकर्मियों पर होती है. छात्राओं की ये शिकायत कि अगर उनके साथ कोई घटना हो तो भी ये चुपचाप देखते रहते हैं या फिर मुहं मोड़ लेते हैं.
छेड़खानी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने मीडिया से जो पीड़ा शेयर की है वो बेहद चौंकाने वाली है. छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल की खिड़कियों पर पत्थर में लेटर आये दिन फेंके जाते हैं. खिड़कियों के सामने खड़े होकर लड़के अश्लील इशारे करते हैं. गुस्से से आग बबूला एक छात्रा का कहना था कि छेड़खानी का विरोध करने पर वे कहते हैं कि कैंपस में दौड़ा कर कपड़े फाड़ देंगे.
ये उस सूबे का हाल है जहां लड़कियों की सुरक्षा और उन्हें छेड़खानी से बचाने के लिए रोमियो स्क्वॉड बनाया गया है. ये हाल उसी सूबे के ऐसे शहर का है जहां का सांसद देश का प्रधानमंत्री है. उसी शहर के बीएचयू कैंपस में छात्राओं को छेड़खानी की शिकायत करने पर खामोश रहने को कहा जाता है. कैंपस में लड़कियों के शाम छह बजे के बाद और सुबह अंधेरा छंटने तक हॉस्टल से निकलने पर पाबंदी लगा दी जाती है.
बीएचयू कैंपस में लड़कियों की हालत का अंदाजा लगाने के लिए एक ही मिसाल काफी है - छेड़खानी से तंग आकर फाइन आर्ट्स की एक छात्रा ने सिर का मुंडन करना पड़ा है. अव्वल तो सुरक्षाकर्मियों के रहते बीएचयू कैंपस में ही ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिये. अगर उनसे नहीं संभलता तो स्थानीय प्रशासन को इसका समाधान खोजना चाहिये. कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सूबे की सरकार की है, जिसके पास पहले से ही गश्त पर निकला रोमियो स्कवॉड है. अगर प्रधानमंत्री के इलाके में छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं - और जिस दिन वो खुद शहर में हैं उस दिन इज्जत बचाने के लिए किसी छात्रा को सिर का मुंडन कराना पड़े - फिर तो देवी दर्शन अधूरा ही समझा जाएगा.
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